कटिहार जिला प्रभारी राजकुमार
भेंडर की मनमानी और कमीशन खोरी के चलते मदरसा के बच्चों को भी अंडा नहीं मिल रहा है। जबकि आगामी 17 फरवरी तक सभी बच्चों को प्रत्येक दिन एक-एक अंडा देना है। विद्यालय हो या मदरसा यह नियम हर जगह लागू किया गया है। परंतु हेड मौलवी बच्चों को ना तो मौसमी फल और ना ही अंडा दे रहे हैं। सोमवार को बांसगांव पंचायत के सिराज मनी पहुंचने पर देखा गया कि मीनू के अनुसार खाना भी नहीं बना है। सिर्फ सब्जी और भात खिलाया जा रहा है जबकि मिक्स सब्जी दाल और भात यह मेनू है। तथा इसके अतिरिक्त एक अंडा प्रत्येक दिन 17 फरवरी तक बच्चों को दिया जाना है। इसके अतिरिक्त खाना गैस में नहीं बनाकर चूल्हे की आग में पकाया जाता है वहीं पूछने पर हेड मौलवी ने कहा कि अभी 12 बज रहे हैं खाना पक गया है।
मैं अभी बाजार से अंडा लेकर आऊंगा और उसे उबालकर खाना वितरण करने के समय तक बच्चों को खिला दूंगा अभी हमारे पास थोड़ा समय है। वहीं बच्चों से पूछने पर पता चला की यहां अंडा नहीं दिया जाता है। और कुछ मदरसा के स्टाफ ने भी अपना नाम छुपाए रखने के शर्त पर बताया कि हेड मौलवी इमदाद अली अंडे के सारे पैसे अपने जेब में रख लेते हैं बच्चों को उनका हक नहीं मिलता। बता दें की यही हाल पूरे प्रखंड, अनुमंडल और जिले का है। विद्यालय हो या मदरसा हर जगह वेंडर की मनमानी चल रही है। जबकि वेंडर को उचित कीमत पर सामग्री पहुंचानी है। परंतु वेंडर द्वारा प्रत्येक महीने विद्यालय हेड मास्टर से वाउचर ले लिया जाता है और बहुत देर कर, रुला- रुला कर कमीशन काटकर प्रधानाध्यापकों को राशि उपलब्ध कराई जाती है। इस स्थिति में चाहकर भी प्रधानाध्यापक बच्चों को अच्छा भोजन नहीं दे पा रहे हैं। वहीं इस संबंध में शिक्षा पदाधिकारी मुमताज अहमद ने बताया कि सरकार का निर्देश है कि 17 फरवरी तक मदरसा एवं स्कूलों में अंडा या फल छात्र-छात्राओं को देना है। अगर विद्यालय प्रशासन द्वारा इसमें कोताही बरती जाती है तो उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई होगी।





















