अनिल उपाध्याय, नजरिया न्यूज पूर्वांचल ब्यूरो, जौनपुर, 09फरवरी।
सोशल मीडिया और आमजनों में 09फरवरी को केंद्र सरकार द्वारा मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल पर श्वेत पत्र और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल पर ब्लैक पेपर जारी करने की चर्चा होती रही।
सोशल मीडिया रिव्यू:*
पत्रकार राजीव ने कहा – मनमोहन सिंह की सरकार के कार्य पर श्वेत पत्र लाकर मोदी सरकार बहस छेड़ दी है। जनता पीएम मोदी को जानने में रुचि दिखा रही है। मोदीजी का जन्म सामान्य वर्ग में हुआ है। 1999में उनकी जाति को ओबीसी में शामिल की गई । आज हजारों किसान दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं। दिल्ली ग्रेटर नोएडा बार्डर पर उन्हें रोक दिया गया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बजट पेश करते हुए बीजेपी विधायकों के कड़े प्रतिरोध पर ममता बनर्जी ने कहा है:
लोकसभा से 147सासदों को निकाला दिया गया था। मैं वैसा कदम नहीं उठाना चाहती। यह भाजपा का दफ्तर नहीं है।
पत्रकार राजीव ने कहा:
बीजेपी पर चौतरफा वार हो रहा है या बीजेपी सरकार चारों तरफ से घिर गई है। किसान, सरकार और विपक्ष का तेवर ऐसा दिख रहा है।
इस विमर्श में शामिल में पत्रकार शकील अख्तर ने कहा:
श्वेत पत्र पर सही सलाह सामने आई है? राहुल गांधी ने आज साबित कर दिया का शराफत को कमजोरी नहीं समझा जाए।साथ ही 1.60लाख रुपये में कैसा जीवन हो सकता है यह देश को बताने की कोशिश की है। कांग्रेस पार्टी कभी भी व्यक्ति के जीवन पर हमला नहीं की। लेकिन राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला किया है।
* सोशल पर सवाल:*
श्वेत पत्र को वित्तमंत्री सीता निर्मला सीतारमण ने सदन के पटल पर आज रख दिया है। इस पर दो दिन चर्या होगी। आपका क्या कहना है?
सोशल मीडिया पर राकेश पाठक ने कहा: राहुल गांधी ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान मिथ्या वाचन पर हमला किया है।
*सवाल:
ओबीसी, सैलरी का खर्च का क्या मामला है? कैसे देखा जाए इसे?
पत्रकार प्रशांत टंडन: जुमला का जवाब जुमला से दिया जा रहा है। लाखों रुपये मूल्य वाली घड़ी, पेन तो पांच लाख इनकम वाला व्यक्ति भी इस्तेमाल नहीं कर सकता। मनमोहन सिंह की इकोनॉमी पर हमला करना भाजपा को मंहगा साबित होगा।
सवाल: राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जिस राज्य में पहुंच रही है, उस राज्य में इंडिया गठबंधन टूट जा रहा है। क्या चुनाव रोचक अंदाज में पहुंच रहा है?
पत्रकार प्रेम कुमार: राहुल गांधी को मीडिया में बड़ी हेडलाइन मिल रही हैं। ब्लैक पेपर और श्वेत पत्र पर अब बात होगी। मनमोहन सिंह या मोदी किसकी इकोनॉमी अच्छी रही, यह बात जनता के सामने आएगा।एनपीए पर भी चर्चा होगी। बैंक की राशियों के डूबने पर भी चर्चा होगी। देश पर कर्ज की भी चर्चा होगी।तेल पुल के लाभ पर भी विमर्श होगा। यह विमर्श अर्थशास्त्री करेंगे। महंगाई पर जो इंपैक्ट पड़ा है, उसकी भी चर्चा अर्थशास्त्री करेंगे। कार्पोरेट टैक्स से अधिक प्रत्यक्ष कर हो गया है। एक समय जीएसटी 28 पर्सेंट पर पहुंच गई थी। बाद में घटा दी गई। जनता से टैक्स कलेक्शन अधिक हुआ है। कार्पोरेट टैक्स कलेक्शन कम हुआ है।हंगर इंडेक्स में हम बंगला और पाकिस्तान से पीछे क्यों हैं? इस पर भी चर्चा होगी।
मोदी सरकार को अपनी सरकार के कार्यकाल पर श्वेत पत्र लाना चाहिए था।
गरीबी रेखा की परिभाषा 20-25वर्ष पहले की है। मोदी सरकार में 22-25 हजार करोड़ लोग गरीबी रेखा के ऊपर आ गए हैं। मनमोहन सरकार में 27 हजार करोड़ लोग गरीबी रेखा के ऊपर आ गए थे।
सवाल: छत्तीसगढ़ में भाजपा की 11सांसद हैं। राहुल गांधी छत्तीसगढ़ में हैं। उनकी इस यात्रा का लोकसभा चुनाव पर क्या असर पड़ने वाला है?
छत्तीसगढ़ से डॉ. दीपक पोचर: व्यक्तिगत हमला शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी ही जिम्मेदार हैं। श्वेत पत्र और ब्लैक पेपर पर भी आने वाले समय में चर्चा होगी। पत्र-पेपर हमला और व्यक्तिगत हमला का प्रभाव लोकसभा चुनाव पर पड़ना ही है। ब्लैक पेपर में बताया गया है कि 411विधायकों को मोदी सरकार के कार्यकाल में तोड़ा गया है।
* विमर्श में भाग लेते हुए पत्रकार अमरेंदुजी:* राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार दो वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में मंहगाई दर अबतक शीर्ष पर है। यह जानकारी कांग्रेस पार्टी द्वारा आज जारी ब्लैक पेपर में है। ब्लैक पेपर में सारे आंकड़े सरकार की संस्थाओं के हवाले से दिए गए है। वहीं सरकार द्वारा लाए गए श्वेत पत्र में 2014से आजतक किए वादों को पूरा करने की जानकारी नहीं दी गई है।
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वहीं आमजनों ने कहा:चाहतों का सौदा होता है इरादों का सौदा नहीं होता । यह डायलॉग जौनपुर जिले के शाहगंज तहसील मुख्यालय में युवकों के बीच लोकसभा चुनाव 2024पर चर्चा के दौरान सुनने को मिला । युवकों ने कहा:इरादों को एक्सप्लेन करने की शक्ति अंग्रेजी अक्षर ए टू जेड तथा हिंदी अक्षर कखग ज्ञ में नहीं है। उल्लेखनीय है कि उक्त सभी युवक रोजगार पर चर्चा कर रहे थे। एक युवक ने कहा:
गरीब आदमी को हमेशा लगता है बाजार में उसकी बहुत इज्जत है। लेकिन अमीर आदमी को लगता है बाजार में उसकी इज्जत नहीं है। इसलिए अमीर आदमी हमेशा काम करता नजर आएगा। जिसके पास इज्जत नहीं हैं, उसे डर लगता है कि काम करने से इज्जत चली जाएगी। नौकरी नहीं करनी चाहिए। नौकरी देने वाला बनिए। रोजगार की कमी नहीं रहेगी।
इस डायलॉग पर दूसरे युवक ने कहा:
मां-बाप कहते हैं-सीढ़ियों पर मत चढ़ो। गिर जाओगे। सयाना से भी सयाना बच्चा सयाना होने के बाद यही सोचता है। नौकरी कर लेगा लेकिन नौकरी देने का सपना नहीं देखता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अकेले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने नौकरी देने वाला बनने की प्रेरणा दी है।
ऐसे शख्स को प्रणाम!जो आश्वस्त करता है : तुम सीढ़ियों पर चढ़ो, तुमको गिरने नहीं दूंगा।
सफेद बाल और सफलता में यही ताल्लुकात है।पहले अंदर की दुनिया जीतो। सफलता की कीमत चुकाओ। इसे कोई नही बताता। आलू-प्याज की कीमत कोई भी बता सकता है लेकिन आलू-प्याज का बिजनेस खड़ा करने की कीमत जो अपना होगा, वहीं बताएगा।
बेरोज़गार युवकों में चर्चा जारी रहती है:
बजट का मतलब होता है आपकी औकात कितने की है: अच्छे बजट का मालिक बनने के लिए नौकरी देने वाला बनना होगा।
सड़क और जिंदगी में सुरक्षित रहने के लिए सूर की तरह सतर्क रहना पड़ता है। आजतक किसी सूरत का सड़क पार करते समय एक्सीडेंट नहीं हुआ है। क्योंकि वह सड़क पार करते समय आंख वालों से अधिक सतर्क रहता है।
सफलता किस राजनीतिक पार्टी को मिलेगी, युवकों ने कहा:
जिस पार्टी का उम्मीदवार समाजसेवा के क्षेत्र में एमडी की डिग्री प्राप्त किया होगा। रुपये से समाजसेवा की डिग्री खरीदने वाले उम्मीदवार की पार्टी का नेता लोकसभा चुनाव 2024में प्रधानमंत्री नहीं बनेगा।





















