नजरिया न्यूज , नई दिल्ली।
भारत ने एक बार फिर अपने शौर्य का परिचय देते हुए पहलगाम आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ सैन्य कार्रवाई की नहीं, बल्कि उन दो महिला सैन्य अधिकारियों की भी हो रही है, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन की जानकारी दुनिया के सामने रखी। ये दोनों अधिकारी हैं – कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह।
भारत सरकार की ओर से ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव के साथ मौजूद इन दोनों महिला अफसरों ने सैन्य कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी। कर्नल सोफिया कुरैशी ने हिंदी में और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अंग्रेजी में प्रेस को संबोधित किया। इन्होंने रात 1 बजे से 1:30 बजे के बीच हुए ऑपरेशन के लक्ष्यों और परिणामों की जानकारी साझा की।
कर्नल सोफिया कुरैशी: विरासत में मिला पराक्रम
गुजरात के वडोदरा की रहने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की सिग्नल कोर में तैनात हैं। उन्होंने 1999 में, जब देश कारगिल युद्ध का सामना कर रहा था, सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए कदम रखा। सेना में सेवा की प्रेरणा उन्हें अपने परिवार से मिली, जहां उनके दादा, पिता और अब पति – सभी सेना में हैं।
वर्ष 2016 में वे बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘फोर्स18’ में भारतीय टुकड़ी की पहली महिला कमांडर बनीं। उनकी मां हलीमा कुरैशी कहती हैं, “हमने अपनी बहनों और माताओं के सिंदूर का बदला लिया है।” वहीं उनके पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने कहा, “हमें अपनी बेटी पर गर्व है। वह हमारे परिवार की परंपरा को आगे बढ़ा रही है।”
विंग कमांडर व्योमिका सिंह: आसमान की वीरांगना
हेलीकॉप्टर पायलट विंग कमांडर व्योमिका सिंह 2004 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुईं। चेतक और चीता जैसे फाइटर हेलिकॉप्टर्स उड़ाने में माहिर व्योमिका को 2017 में विंग कमांडर पद पर पदोन्नत किया गया। एयर स्ट्राइक जैसे गुप्त और संवेदनशील ऑपरेशनों में उनका अनुभव बेजोड़ है।
ऑपरेशन सिंदूर में जिस आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ उन्होंने मीडिया को जानकारी दी, उससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत की बेटियां सिर्फ रणभूमि में ही नहीं, रणनीति और संवाद के मोर्चे पर भी पूरी तरह सक्षम हैं।
देश की बेटियों का नया अध्याय
कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका न सिर्फ सेना की ताकत हैं, बल्कि वे उन लाखों बेटियों की प्रेरणा बन गई हैं जो देश की सेवा का सपना देखती हैं। ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक है, और इन दो महिला अधिकारियों की उपस्थिति ने इसमें नया स्वाभिमान जोड़ दिया है।






















