– चमकी से बचाव के लिए स्कूली बच्चों क़ो किया जा रहा है जागरूक
– घर घर जाकर, चौपाल लगाकर चमकी के लक्षण एवं बचाव की दी गईं जानकारी
बेतिया, 03 मई
एईएस/चमकी बुखाऱ से बचाव को लेकर जिले के सरकारी स्कूलों, महादलित इलाकों मे आशा व स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा बच्चों एवं समुदाय को जागरूक किया जा रहा है जिससे चमकी के मामले मे कमी हो सके। यह कहना है जिले के डीभीडीसीओ डॉ हरेंद्र कुमार का। उन्होंने बताया की लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपील की जा रही है कि बच्चों को कड़ी धूप मे खेलने न भेजें, रात्रि में भोजन अवश्य कराएं और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर अविलंब 102 एम्बुलेंस या निजी वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाए।
उन्होंने कहा कि जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों क़ो जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया गया है। वहीं भीडीसीओ गणेश कुमार ने बताया की एईएस/चमकी के ये लक्षण बुखार, सिरदर्द, बेहोशी हो तो बिना देर किए हुए मेडिकल कॉलेज मे निजी या सरकारी उपलब्ध वाहन से बच्चे क़ो बिना देरी किए पहुंचाएं।
निजी वाहन से बच्चों को ले जाने पर 400 रु सरकार द्वारा देय है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया की वर्ष 2023 में 3, 2024 में 2, 2025 में अभी तक 04 एईएस के मरीज जिले मे प्रतिवेदित हुए। जिनमें 03 मरीज ठीक होकर घर चले गए, वहीं गंभीर 01 मरीज क़ो पटना एम्स मे रेफर किया गया है। भीबीडीएस प्रकाश कुमार ने बताया की चनपटिया मे घर घर घूमकर आशा द्वारा लोगों क़ो लीफलेट देकर लक्षण व बचाव के बारे मे जागरूक किया जा रहा है।
जीएमसीएच मे है ईलाज की सुविधा:
सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने चमकी बुखार के बारे में बताया कि बेतिया के जीएमसीएच मेडिकल कॉलेज मे ईलाज की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवा व उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। 24 ×7 रोस्टर लागू है। एम्बुलेंस की सुविधा सभी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध हैं।
ऐसे दें चमकी को धमकी:
● खिलायें-बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएं। यदि संभव हो तो कुछ मीठा भी खिलायें।
● जगायें-रात के बीच में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं।
● अस्पताल ले जायें-बेहोशी या चमकी दिखते ही आशा को सूचित कर तुरंत निःशुल्क 102 एंबुलेंस या उपलब्ध वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जायें।




















