– एडीजे सह एक्साइज-02 कोर्ट के स्पेशल जज संतोष कुमार गुप्ता ने सुनाई सज़ा
– 01 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया
– जुर्माना की राशि नही देने पर आरोपी को 06 माह का साधरण कारावास की सज़ा भुगतनी होगी
नज़रिया न्यूज़ (रूबी बिनीत), अररिया।
न्यायमण्डल अररिया के एडीजे सह एक्साइज-02 कोर्ट के स्पेशल जज संतोष कुमार गुप्ता की अदालत ने नेपाली अवैध शराब बरामदगी का मामला प्रमाणित होने पर सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना अंतर्गत गोविंदपुर वार्ड-02 का रहनेवाले गुलाब चंद्र ठाकुर का 25 वर्षीय पुत्र श्रीप्रसाद ठाकुर को 05 साल का सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है.
आरोपी को कारावास की सज़ा के अलावा 01 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है.
जुर्माने की राशि जमा नही करने पर 06 का साधारण कारावास की सज़ा भुगतनी होगी.
सरकार की ओर से एक्साइज एक्ट के स्पेशल पीपी रामा नंद मंडल व उत्पाद के अधिकृत अधिवक्ता चंदन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि यह सजा उत्पाद स्पेशल 2802/24 मे सुनाया गया है.
घटना 12 अगस्त 2024 की सुबह 07:40 बजे की है.
गुप्त सूचना के आधार पर मद्य निषेध थाना में पदस्थापित प्र.स.अ.नि मद्य निषेध सुरेश कुमार सदल बल के साथ फुलकाहा से पथराहा जानेवाली सड़क मोती टापू गांव के समीप पहुँचकर वाहनों की जांच कर रहे थे. तभी एक टीवीएस अपाची मोटरसाइकिल जिसका पंजीयन संख्या- बीआर 38सी 2786 के चालक को गाड़ी रोकने के लिए कहा गया. गाड़ी रोकने पर चालक से उसका नाम पूछा गया तो चालक ने अपना नाम श्रीप्रसाद ठाकुर बताया. मोटरसाइकिल की सीट पर लदे 03 प्लास्टिक बोरियों की जांच की गई तो उसमें से नेपाली दिलवाले कम्पनी का 300 एमएल का कुल 264 बोतल यानी 79.200 लीटर अवैध शराब बरामद किया गया.
इस मामले में आरोपी के विरुद्ध अररिया के मद्य निषेध थाना में कांड संख्या 286/2024 दर्ज किया गया.
केस आइओ द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में 08 अक्टूबर 2024 को चार्जशीट दाखिल किया गया. चार्जशीट उपरांत संज्ञान लिया गया व आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के बिन्दु पर आरोपी से पूछे जाने पर उसने अपने आप को निर्दोष बताया.
दिनांक 22 अक्टूबर 2024 को आरोप गठन (चार्जफ्रेम) होने के पश्चात कोर्ट मे अभियोजन पक्ष की गवाही प्रारंभ किया गया. जहाँ सभी गवाहो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया था.
अभियोजन गवाहो के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायधीश श्री गुप्ता ने आरोपी युवक को दोषी पाया.
कोर्ट में वचाब पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता शंभु शरण चौधरी, अधिवक्ता पंकज कुमार वर्मा व अधिवक्ता उत्पल पराशर ने बहस किया था.


















