1990 बैच की अधिकारी हैं शेफाली बी. शरण
प्रतिभा सिंह, नजरिया न्यूज संवाददाता, नई दिल्ली 28अप्रैल।
शेफाली शरण 1990 बैच की अधिकारी हैं। अब शेफाली शरण प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के प्रधान महानिदेशक यानी प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल (पीडीजी) का पदभार संभाल लिया है। यह जानकारी पीआईबी ने दी और बताया कि
तीन दशक से अधिक के शानदार करियर के दौरान शेफाली बी. शरण ने वित्त मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय जैसे मंत्रालयों के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो अधिकारी के रूप में मीडिया प्रचार कार्यभार संभाला है। उन्होंने भारत के चुनाव आयोग के प्रवक्ता के रूप में भी काम किया है।
उल्लेखनीय है कि पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) भारत सरकार की एक नोडल एजेंसी है, जो सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों, पहलों एवं उपलब्धियों पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को जानकारी प्रचारित करने का काम करता है। यह सरकार एवं मीडिया के बीच एक इंटरफेस के रूप में कार्य करता है, साथ ही यह मीडिया में दिखने वाली लोगों की प्रतिक्रिया पर सरकार को प्रतिक्रिया (फीडबैक) प्रदान करने का भी कार्य करता है।
नई दिल्ली -शेफाली बी. शरण ने वित्त मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय जैसे मंत्रालयों के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो अधिकारी के रूप में मीडिया प्रचार कार्यभार संभाला है, भारत के चुनाव आयोग के प्रवक्ता के रूप में भी काम किया है…
पीआईबी संचार के विभिन्न माध्यमों जैसे प्रेस विज्ञप्ति, प्रेस नोट, एक्सप्लेनर, फैक्टशीट, फीचर लेख, फोटोग्राफ, वीडियो, इन्फोग्राफिक्स एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से भी जानकारियों का प्रसार करता है। इसमें सूचनाओं को देश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 8,400 समाचार पत्रों एवं मीडिया संगठनों तक पहुंचने के लिए अंग्रेजी, हिंदी एवं उर्दू भाषा में जारी की जाती है और बाद में अन्य भारतीय भाषाओं में इसका अनुवाद किया जाता है।
इसके अतिरिक्त, पीआईबी सरकार की महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों के बारे में मीडियाकर्मियों को अवगत कराने एवं जानकारी प्रदान करने के लिए प्रेस सम्मेलनों, प्रेस ब्रीफिंग, मंत्रियों/सचिवों एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साक्षात्कार का भी आयोजन करता है। पीआईबी चयनित परियोजना स्थलों पर प्रेस टूर का भी आयोजन करता है जिससे देश के मीडिया को देश में चल रही विकास गतिविधियों का प्रत्यक्ष लेखा-जोखा मिल सके और जिससे वह सरकार की महत्वपूर्ण नीतियों को जनता तक पहुंचाने में उनकी मदद कर सके।




















