– गर्भावस्था से बच्चों के जन्म के बाद 2 वर्ष का आयु जो कि बच्चों के विकास के लिए बेहद अहम होता है
– आंगनबाड़ी केंद्रों पर कराई जा रही गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई
मोतिहारी। 23 अप्रैल
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 08 से 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा चलाई गईं। इस दौरान केंद्रों पर संचालित कार्यक्रम की जानकारी हेतु अनुमंडल पदाधिकारी अरेराज अरुण कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड अभिसरण कार्य योजना (बीसीएपी) की बैठक अरेराज अनुमंडल सभागार में की गई। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर कराई जा रही समुदाय आधारित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में पोषण पखवाड़े के प्रमुख थीम और गतिविधियों – पोषण अभियान का उद्देश्य, सही पोषण संतुलित आहार, स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने के बारे में जानकारी लीं गईं। वहीं पोषण के बारे में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए पोषण के बारे में बताया की जीवन के प्रथम हजार दिन जिसमें गर्भावस्था से बच्चों के जन्म के 2 वर्ष का आयु जो कि बच्चों के विकास के लिए बेहद अहम होता है,
पोषण पखवाड़ा स्वस्थ भोजन के विकल्पों को बढ़ावा देकर बचपन के मोटापे पर भी ध्यान केंद्रित करता है। मौके पर कुपोषण क़ो समाज से मुक्त करने के लिए उपस्थित अधिकारियों ने शपथ भी लिया। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा की आँगनबाड़ी केंद्रों का समय से संचालन होना चाहिए, गोदभराई, अन्नप्राषण, टीकाकरण व अन्य कार्यक्रम का संचालन होना चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के अभिभावकों क़ो पोषण से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी दी जानी चाहिए ताकि बच्चे स्वस्थ रहें। मौके पर अरेराज अनुमंडल के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, आपूर्ति विभाग, जीविका, मनरेगा के पदाधिकारी एवं प्रखंड समन्वयक उपस्थित थे।




















