=उप स्वास्थ्य केंद्रों के एनक्यूएएस प्रमाणन के लिए वर्चुअल मूल्यांकन 28 जून 2024 को शुरू किया गया…
=एनक्यूएएस सर्टिफिकेट सुनिश्चित करता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाएं सुरक्षित, रोगी-केंद्रित और सुनिश्चित गुणवत्ता वाली हों
प्रतिभा सिंह, संवाददाता नजरिया न्यूज, नई दिल्ली, 28मार्च
भारत सरकार ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्यूएएस) को सफलतापूर्वक लागू किया है।
यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कही। श्री जाधव ने यह बात 28मार्च को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कही है।
उन्होंने बताया कि एनक्यूएएस
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित एक व्यापक ढांचा है। एनक्यूएएस का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उसे बढ़ाना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने कहा:
28 फरवरी 2025 तक, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त करने वाली सुविधाओं की कुल संख्या 24,364 है। उन्होंने बताया:प्रारंभ में, मानकों को जिला अस्पतालों के लिए लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाएं सुरक्षित, रोगी-केंद्रित और सुनिश्चित गुणवत्ता वाली हों। इसके बाद, इन मानकों को उप-जिला अस्पतालों (एस डी एच), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सी एच सी), आयुष्मान आरोग्य मंदिर-शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एएएम- यूपीएचसी), आयुष्मान आरोग्य मंदिर-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एएएम- पीएचसी), और आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-केंद्रों (एएएम-एसएचसी) तक बढ़ा दिया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निरंतर गुणवत्ता सुधार और अनुपालन में आसानी को बढ़ावा देने के लिए, डिजिटल तकनीक का लाभ उठाया गया और 28 जून, 2024 को आयुष्मान आरोग्य मंदिर-उप स्वास्थ्य केंद्रों (एएएम- एसएचसी) के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणन के लिए वर्चुअल मूल्यांकन शुरू किया गया। वर्चुअली मूल्यांकन किए गए एएएम-उप केंद्रों में से 10% का ऑनसाइट मूल्यांकन करके भौतिक रूप से सत्यापन किया जाएगा। इससे अनुपालन में सुविधा और सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य सेवा वितरण की दक्षता में वृद्धि हुई है।
नई दिल्ली -एनक्यूएएस सर्टिफिकेट सुनिश्चित करता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाएं सुरक्षित, रोगी-केंद्रित और सुनिश्चित गुणवत्ता वाली हों
श्री जाधव ने बताया कि 28 जून, 2024 को एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं (आईपीएचएल) के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) शुरू किए गए, ताकि परीक्षण प्रक्रियाओं और परिणामों की सटीकता और परिशुद्धता बढ़ाई जा सके। इस पहल का समर्थन करने के लिए, अगस्त 2024 में प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी) कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किया गया। इन उपायों का उद्देश्य सभी आईपीएचएल में लगातार गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करते हुए प्रयोगशाला परीक्षण की सटीकता, विश्वसनीयता और दक्षता में सुधार करना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने एनक्यूएएस के विषय में कहा कि यह एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है जिसका उद्देश्य सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, इनपुट, सहायता सेवाएं, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में देखभाल की गुणवत्ता को बढ़ाना है। इससे रोगियों को बेहतर परिणाम मिलते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का विश्वास बढ़ता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह बात कही है।















