नजरिया न्यूज़, अररिया। विकाश प्रकाश।
अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित रेड लाइट एरिया में पुलिस ने शनिवार को बड़ी छापेमारी अभियान चलाते हुए कुल 36 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें 23 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि हिरासत में ली गई महिलाओं में 7 नाबालिग भी पाई गई हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
यह कार्रवाई बिहार पुलिस के कमजोर वर्ग के एसपी अमित राणा द्वारा संचालित “नया सवेरा 2.0” अभियान के तहत की गई। अररिया एसपी जितेंद्र कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने सुनियोजित तरीके से इस छापेमारी को अंजाम दिया।
छापेमारी दल में यातायात डीएसपी फखरे आलम, साइबर डीएसपी रजिया सुल्ताना, फारबिसगंज के अपर थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस ने पहले पूरे इलाके की घेराबंदी की, जिसके बाद महिला और पुरुष सिपाहियों के साथ घर-घर तलाशी अभियान चलाया गया।
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में “बाल मित्र पटना” संस्था का भी सहयोग लिया गया। संस्था की प्रतिनिधि कुमारी बबिता भी मौके पर मौजूद रहीं। अचानक हुई इस छापेमारी से इलाके में कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा और आम लोगों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ने दिया।
हिरासत में लिए गए सभी लोगों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। नाबालिग लड़कियों के मिलने के बाद पुलिस मानव तस्करी और बाल शोषण जैसे पहलुओं पर भी गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, तत्काल टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि समाज में कमजोर वर्गों के संरक्षण और अपराध पर नियंत्रण के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


















