नजरिया न्यूज़ अररिया। विकाश प्रकाश।
पूर्णिया प्र-क्षेत्र के डीआइजी प्रमोद कुमार मंडल ने जारी पत्र पर जांचोपरांत एसपी अंजनी कुमार ने बैरगाछी थाना में कार्यरत सअनि नरेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीआइजी ने पत्र माध्यम से एसपी अंजनी कुमार को जांच सौंपी थी. इसमें डीआइजी ने कहा है कि कथित बैरगाछी निवासी आवेदक मो सरफराज आलम के नाम से प्राप्त पत्र में बैरगाछी थाने में पदस्थापित चौकीदार 8/1 रामजी ततमा उर्फ रामानंद व थानाध्यक्ष पुअनि कुमारी जुली के विरुद्ध गैर कानूनी कर्तव्यों का उल्लेख किया गया था. डीआइजी के पत्र पर एसपी ने उक्त तथ्यों की जांच मुख्यालय डीएसपी फखरे आलम को सौंपी।
जांच के बाद मुख्यालय डीएसपी ने पत्र के माध्यम से जांच प्रतिवेदन एसपी कार्यालय के गोपनीय शाखा को समर्पित किया। जिसमें पाया कि बैरगाछी ओपी का ही एक सअनि नरेश कुमार सरफराज आलम बन कर झूठा आवेदन भेज रहा था। जांच के क्रम में गत 17 जनवरी को बैरगाछी थानाध्यक्ष जूली कुमारी द्वारा भी एक व्यक्ति पीयूष कुमार को पूछताछ के लिए प्रस्तुत किया था।
सअनि नरेश कुमार ने दूसरे व्यक्ति को डाक घर भेज कर कराया था पत्र प्रेषित : पीयूष कुमार (30) पिता स्व कृष्ण कुमार नायक शिवपुरी वार्ड संख्या 09 का निवासी बताया. पूछताछ के क्रम में पीयूष कुमार ने बताया कि उसका दुकान महादेव चौक पर नायक टेलिकॉम के नाम से संचालित है। 05 से 06 माह पूर्व बैरगाछी थाना में पदस्थापित सअनि नरेश कुमार द्वारा उसके दुकान पर आकर एक हस्तलिखित पत्र टंकित करने के लिए दिया गया था। इसके बाद सअनि नरेश कुमार द्वारा दुकानदार पीयूष कुमार को कहा गया कि उक्त पत्र को पोस्ट ऑफिस जाकर दिये गये विभिन्न पतों पर भेज देना।
जांच के क्रम में पाया गया कि डाक विभाग द्वारा निर्गत पावती रसीद की कई प्रतियां पीयूष के द्वारा सअनि नरेश कुमार को व्हाटसएप के माध्यम से भेजी गयी थीं। मुख्यालय डीएसपी द्वारा उक्त पावतियों के अवलोकन से उन्हें मालूम चला कि होता है कि गत 21 जुलाई 2024 को डाकघर के काउंटर संख्या 04 से पूर्णिया डीआइजी, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक, पटना व मुख्यमंत्री के नाम से निर्गत है। साथ ही सभी पावतियों पर एसपी अररिया भी टंकित किया हुआ है। जिससे यह मालूम चला कि सअनि नरेश कुमार ने ही अपने निजी कारणों से स्वहित में उक्त भ्रामक बातें पत्र के माध्यम से आवेदनकर्ता का नकली नाम मो सरफराज आलम बन कर विभिन्न पतों पर भेजा। जिसे सअनि द्वारा स्वीकार भी किया गया। सअनि के विरुद्ध कर्तव्यहीनता, स्वेच्छाचारिता आदि का आरोप लगा उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में नरेश कुमार का मुख्यालय पुलिस केंद्र अररिया बना रहेगा।






















