●अररिया जिला हुआ शिवमय।।
●लाखों शिवशिष्य उपस्थित हुए।।कयी हजार नये लोगो ने भगवान शिव को अपना गुरु माना।।
अररिया जिला अंतर्गत नरपतगंज प्रखंड के चकरदाहा पुलहा के एतिहासिक मैदान मे शिव गुरु की चरचा को सुनने शिव शिष्यो का जनसैलाब उमड पडा।।शिव के गुरु स्वरुप से जनमानस को अवगत कराने आई शिव शिष्या बरखा आनंद ने कहां साहब हरीन्द्रानंद ने जो बाते समझायी है उसमे परिणाम है।।सभी देवी देवताओ की पुजा तो होती है लेकिन सबसे अधिक शिव की पूजा होती है।
शिव की पूजा में कर्मकांड कम है भाव ज्यादा है।। भारतवर्ष की भुमी ने पुरी दुनियां को ज्ञान और शांती का संदेश दिया है।। मुख से निकली आवाज कुछ दुर तक जाती है।
परंतु दिल से निकली आवाज का कोई सीमा नही होता।शिव शिष्यता साहब हरीन्द्रानंद और दीदी नीलम के दिल की आवाज है।।बस साहब दीदी के तीन सुत्र से ही शिव लोगो के विचार से दिल मे उतर रहे है।
वही शिव अर्चित आनंद ने कहां इतिहास साक्षी है शिव की पुजा सिन्धु घाटी सभ्यता मे लोग करते थे।।नटराज की मुर्ति,पशुपतिनाथ की मुर्ति का मिलना शिव के अति प्राचीन होने का प्रमाण है।
वही भजन के माध्यम से भाई आलोक कुमार,और अजय अग्रवाल ने लोगो को.अपने गुरु शिव से जोडने का प्रयास किया।
वही अररिया जिला के अध्यक्ष गुरु भाई देविलाल महतो ने कहां की लाखो शिव शिष्य का आना और बिना किसी परेशानी के गाँव से शहर और घर तक सुरक्षित चले जाना ये महादेव की दया से ही हो सकता है।।
शिव गुरु से जुडने के लिये और परिणाम के लिये तीन सुत्र है दया माँगना अपने गुरु की चरचा करना और अपने गुरु को नमः शिवाय से 108 बार प्रणाम करना।।






















