दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 10जनवरी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भूतपूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की राजनीति राजनीति जुदा है। दोनों को साधने की राहुल गांधी की न्याय की सियासत मीडिया में सुर्खियां बटोर रही है। कांग्रेस,सीपीएम तथा राजद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला भी दहन कर रहे हैं। बिहार में जारी छात्र आंदोलन को समर्थन देना और नीतीश कुमार को साधना भी असंभव को संभव बनाने जैसी सियासत है। कहा जा रहा है कि 18जनवरी को राहुल गांधी बिहार का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव से भी मुलाकात करेंगे। ऐसी चर्चा मीडिया में क्यों हो रही है?इसकी एक बड़ी वजह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी मानी जाती है। वैसे साफसुथरी राजनीति करने वाले बिहार में भाजपा के जनाधार में इजाफा से नकार रहे हैं।
ऐसे लोगों के मुताबिक़, जब डॉ
दिलीप कुमार जायसवाल को बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया है तब से उनके बीजेपी समर्थक दावा कर रहे हैं कि डॉ. दिलीप भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई के पदचिन्हों पर चलने वाले स्वच्छ छवि तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह लक्ष्य भेदने की रणनीति पर काम करने वाले नेताओं में से हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल-फाइल फोटो-18जनवरी के बाद भाजपा -जदयू का रास्ता अलग -अलग होगा क्या?
भारत रत्न अटलजी ऐसे नेताओं में से हैं, जिनके नेतृत्व में नीतीश कुमार राजद से लोहा लेते रहे। वर्ष 2005 में विजय प्राप्त की। नीतीश कुमार पर अटलजी प्रभाव देखकर लगता है कि नीतीशजी, वर्तमान भाजपा के साथ बहुत दूर तक नहीं चल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल-फाइल फोटो-18जनवरी के बाद भाजपा -जदयू का रास्ता अलग -अलग होगा क्या?पाएंगे। जैसे हालात बन रहे हैं वैसे ही हालात पिछली बार एनडीए सरकार के दौरान साल 2022 में विजय सिन्हा के विधानसभा अध्यक्ष रहते बनी थी। मुख्यमंत्री नीतीश से उनकी बहस तब भी सुर्खियों में थी।उस वक़्त बिहार के लखीसराय में क़ानून और व्यवस्था के मुद्दे पर सदन में नीतीश ने विधानसभा अध्यक्ष पर सवाल खड़े कर दिए थे।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था, “सारे लोगों को एक बात जानना चाहिए, संविधान क्या कहता है? कॉन्स्टिट्यूशन निकालिए।आप इस तरह हाउस चलाइएगा? मुझे तकलीफ़ हुई है।बिहार में ज़हरीली शराब से मौत पर सदन में बीजेपी मुआवज़े की मांग कर रही थी, तब भी नीतीश कुमार विजय सिन्हा की तरफ़ देखते हुए काफ़ी आक्रोश में जवाब दे रहे थे। इस समय भी राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा का तेवर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को असहज करने वाला बताया जा रहा है।
आमतौर पर नीतीश कुमार को ऐसे तेवर नहीं पसंद करने में गिना जाता जाता है।
कहा जा रहा है कि खरवास बाद राहुल गांधी बिहार आ रहे हैं। राहुल गांधी नीतीश कुमार को एनडीए की बागडोर सौप सकते हैं। ऐसे में लालू यादव, नीतीश कुमार और राहुल गांधी एक साथ आ सकते हैं। इंडिया गठबंधन फिर मजबूत स्थिति में पहुंच सकता है।






















