नजरिया न्यूज़ अररिया।
बिहार के गया जिले में मनरेगा के माध्यम से खेल स्टेडियम निर्माण की अभिनव एवं सराहनीय पहल के लिए तत्कालीन उप विकास आयुक्त, गया एवं वर्तमान जिलाधिकारी, अररिया श्री विनोद दूहन को प्रतिष्ठित ‘Skoch Award’ से नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्मानित किया गया है। यह पहल उनके गया जिले में पदस्थापन के दौरान की गई थी, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना मिल रही है।
उक्त योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के माध्यम से खेलों के आधारभूत ढांचे का सृजन किया गया। गया जिले में इस अभियान को जन-जन से जोड़ने के लिए मगही बोली में “खेलबे करतई गया” जैसी प्रभावी स्थानीय टैगलाइन का उपयोग किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
मनरेगा योजना में रखरखाव की औपचारिक व्यवस्था नहीं होने के कारण, इन खेल स्टेडियमों को समीपवर्ती विद्यालयों से जोड़ दिया गया है, ताकि उनके रखरखाव की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्कूल फंड के माध्यम से सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, इन स्टेडियमों का उपयोग प्रातः एवं सायं समय में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी किया जा रहा है।
इस पहल के परिणामस्वरूप न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अवसंरचना का विकास हुआ, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला तथा समग्र ग्रामीण विकास को नई गति प्राप्त हुई। गया मॉडल की सफलता एवं सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए बिहार सरकार द्वारा राज्यभर में 6659 ग्रामीण खेल स्टेडियमों के निर्माण किया गया है।
श्री विनोद दूहन के द्वारा शुरू की गई ये पहल राज्य ही नहीं वरन देश के लिए प्रथम है। उनकी दूरदर्शी सोच एवं प्रभावी नेतृत्व के फलस्वरूप अब बिहार के प्रत्येक पंचायत में खेल सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जिससे युवाओं को अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
यह पहल एक “मौन क्रांति” के रूप में उभरकर सामने आई है, जो खेल, रोजगार एवं ग्रामीण विकास को एक साथ समाहित करते हुए बिहार को एक नई दिशा प्रदान कर रही है।तत्कालीन उपविकास आयुक्त गया सह वर्तमान जिला पदाधिकारी अररिया के इसी दूरदर्शी एवं नवाचारी सोच का परिणाम है कि अररिया जिले में भी 181 खेल स्टेडियम बनकर तैयार हो गया है।
‘Skoch Award’ से सम्मानित होने के साथ ही इस उपलब्धि ने न केवल गया, बल्कि अररिया जिले का भी गौरव बढ़ाया है। गया में प्रारंभ की गई इस अभिनव पहल की झलक अब अररिया जिले के प्रशासनिक कार्यों में भी दिखाई दे रही है, जिससे जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।





















