- न्यायधीश मुकेश कुमार ने डॉट फटकार कर सभी को हिदायत देकर छोड़ा
नज़रिया न्यूज़, (विकास प्रकाश), अररिया।
व्यवहार न्यायालय अररिया के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की अदालत ने 12 वर्ष पूर्व सिकमी जमीन को लेकर उत्पन्न विवाद मे मारपीट कर छिनतई की घटना प्रमाणित होने पर जिले के महलगांव थाना क्षेत्र के मलहरिया गांव के रहनेवाले मुस्ताक आलम, कमाल, जमाल, मो मोसब्बिर आलम, मो हेलाल उद्दीन, मोहिउद्दीन, तौसीक आलम व मो समसुद्दीन को डॉट फटकार लगाते हुए ऐसी गलती की पुनरावृत्ति नही होने का आदेश देकर छोड़ दिया है।
यह सज़ा जोकीहाट (महलगांव ) थाना कांड संख्या 255/12 जीआर 1727/12 मे दिया गया है।
सरकार की ओर से अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी राजेश राम ने बताया कि 02 अगस्त 2012 के करीब 02 बजे दिन को सूचक शेख मकबूल व उसके भाई को सिकमी जमीन के चलते मारपीट कर घर में घुसकर छिनतई की घटना को अंजाम दिया गया था।
कोर्ट में सभी गवाहो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया।
गवाहो के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायधीश ने सभी आठो आरोपियों को दोषी पाया।
सज़ा के बिन्दु पर इस मामले में बचाव पक्ष से अधिवक्ता सैफ़ुर रब ने अपना पक्ष रखा।
दोनो पक्षो की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायधीश मुकेश कुमार ने साक्ष्य के अवलोकन व अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए पाया कि चूंकि दोषियों के विरुद्ध अन्य कोई आपराधिक इतिहास नही है। भविष्य में ऐसी गलती की पुनरावृत्ति नही करेंगे की शर्त पर सभी अभियुक्तों को परिवीक्षा अधिनियम 1958 की धारा-03 का लाभ देते हुए सम्यक भर्त्सना करते हुए दोषियों को सख्त निर्देश दिये कि भविष्य में किसी भी अपराध में शामिल नही होंगे व समाज में अपने अच्छे चरित्र का परिचय देंगे।





















