दुर्केश सिंह, संपादकीयपूरा देश इस समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन की खबर से दुखी है। महान अर्थशास्त्री और प्रोफेसर रह चुके डॉ.मनमोहन सिंह ने 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा रह दिया। उन्होंने गुरुवार रात दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही हर कोई उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को उन्हीं के निजी निवास पर रखा गया है। यहां शुक्रवार को उनके दर्शन किए जा सकेंगे, जिसके बाद शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मनमोहन सिंह के निधन के बाद देशभर में सात दिन के राजकीय शोक का एलान किया गया है। प्रभारी नजरिया न्यूज, 27दिसंबर।
मनमोहन सिंह ने 1991 में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। तत्कालीन पीएम नरसिम्हा राव की कैबिनेट में वित्त मंत्री के रूप में उन्हें नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने भारत में उदारीकरण की प्रक्रिया में सहायता के लिए कई आर्थिक सुधार पेश किए थे। बतौर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वो कार्य किया जो भारतीय संविधान के गौरव बढ़ाने का काम किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करता है। हमारे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी दुख व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने एक मार्गदर्शक खो दिया है।
मनमोहन सिंह के निधन के बाद देशभर में सात दिन के राजकीय शोक का एलान किया गया है…
पूरा देश इस समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन की खबर से दुखी है। अर्थशास्त्री और प्रोफेसर रह चुके डॉ.मनमोहन सिंह ने 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। गुरुवार रात दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस उन्होंने ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही हर कोई उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को उन्हीं के निजी निवास पर रखा गया है। शुक्रवार को उनके दर्शन किए जा सकेंगे, जिसके बाद शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मनमोहन सिंह के निधन के बाद देशभर में सात दिन के राजकीय शोक का एलान किया गया है।






















