नज़रिया न्यूज़ कुर्साकांटा। संवाददाता।
कुर्साकांटा प्रखंड क्षेत्र अन्तर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुआड़ी में श्रद्धा, गर्व और सम्मान के साथ वीर बाल दिवस का आयोजन किया गया। यह विशेष दिन सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के दो साहसी पुत्रों, 9 वर्षीय साहिबजादा जोरावर सिंह और 7 वर्षीय साहिबजादा फतेह सिंह की अप्रतिम वीरता, बलिदान और साहस को स्मरण करने के लिए समर्पित है। इन महान बाल वीरों ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर एक अमर मिसाल पेश की। इस वर्ष वीर बाल दिवस की थीम “वीरता” थी, जो साहस और करुणा को प्रोत्साहित करती है।
यह दिवस गुरु गोविंद सिंह महाराज के चार साहिबजादों, साहबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह, और फतेह सिंह की वीरता और बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है।कार्यक्रम के अंतर्गत वाद-विवाद और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। वाद-विवाद का विषय “राष्ट्र निर्माण में बच्चों की भूमिका” रहा। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कक्षा दो की दीपिका रानी ने चार साहिबजादों पर एक सुंदर चित्र भी बनाया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य दिलीप कुमार गुप्ता ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा वीरता केवल साहस नहीं बल्कि दूसरों की भलाई के लिए समर्पण है। यही गुण बच्चों को राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षक अमीत कुमार, विजय चौधरी ने कहा कि “साहिबजादों की गौरवगाथा हमें सिखाती है कि सच्चा साहस आयु से परे होता है।






















