दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 15दिसंबर।
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में कांग्रेस से जुड़े एक व्यापारी मनोज परमार और उनकी पत्नी ने शुक्रवार (13 दिसंबर) को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
दंपति के पास से मिले एक नोट के बाद इस मामले पर राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है।उनके घर पर पांच दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा था। अब परिवार ने आरोप लगाया है कि मनोज परमार ने ईडी से तंग आकर यह कदम उठाया।
कांग्रेस का कहना है कि ईडी का छापा डालकर परिवार पर दबाव डाला गया था। वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
पिछले साल पहली बार मनोज परमार और उनका परिवार सुर्खियों में उस समय आया था जब उनके बच्चों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उन्हें एक गुल्लक भेंट की थी।
दंपति नेहा परमार और मनोज के मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन पर एक मामले को लेकर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था और इसी के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया…
फिलहाल कहा जा रहा है कि मृतक के घर से बरामद एक पत्र ने पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
सीहोर पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला ने एक मीडिया से बात करते हुए कहा:
“कल पुलिस टीम को आत्महत्या की सूचना मिली थी जिसके बाद टीम मौके़ पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के घर से संबंधित चीज़ें ज़ब्त की हैं, इनमें कुछ दस्तावेज़ भी हैं”।
अभी तक इस मामले में एफ़आईआर दर्ज न होने के सवाल पर पुलिस अधीक्षक मीडिया से कहते हैं, “हमने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, क्योंकि मामला अस्वाभाविक मौत का है, इसलिए जांच के बाद जो भी साक्ष्य और तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर क़ानून के मुताबिक़ कार्रवाई की जाएगी।”
घटना के बाद कहा जा रहा है कि मनोज परमार के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन पर एक मामले को लेकर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था और इसी के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया।






















