- प्रार्थमिकी के महज़ साढ़े 04 माह मे ही आरोपी शिवम को मिली 06 साल कारावास की सज़ा
नज़रिया न्यूज़ (विकास प्रकाश), अररिया।
126 लीटर अवैध नेपाली शराब बरामदगी का मामला प्रमाणित होने पर न्यायमण्डल अररिया के एडीजे सह एक्साइज-02 कोर्ट के स्पेशल जज संतोष कुमार गुप्ता ने जिले के फुलकाहा थाना क्षेत्र के अमरौरी वार्ड 13 के रहनेवाले प्रदीप कुमार यादव का 23 वर्षीय पुत्र शिवम कुमार यादव को 06 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है।
आरोपी को कारावास की सज़ा के अलावा 01 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
वही, जुर्माने की राशि जमा नहीं होने पर आरोपी को अलग से 06 माह का अतिरिक्त कारावास की सज़ा भुगतानी होगी।
यह सजा अररिया एक्साइज थाना कांड संख्या 275/24 मे दिया गया है।
सरकार की ओर से एक्साइज एक्ट के स्पेशल पीपी रामानंद मंडल ने बताया कि 26 जुलाई 2024 की अहले सुबह साढ़े 05 गुप्त सूचना के आधार पर अररिया एक्साइज थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक पुरुषोत्तम मंडल सदल बल के साथ बथनाहा मुख्य सड़क लक्ष्मीपुर चौक थाना फुलकाहा मे वाहन जांच कर रहे थे।
वाहन जांच करने के क्रम में मोटरसाइकिल पंजीयन संख्या बीआर 50 एच 9443 की तलाशी ली गई।
तलाशी के क्रम में मोटरसाइकिल के सीट के पिछले हिस्से में बंधे 05 बोरियों का तलाशी लिया गया।
तलाशी मे उक्त सभी बोरियों से कुल 420 बोतल प्रत्येक बोतल 300 एमएल का कुल 126 लीटर अवैध शराब दिलवाले ब्रांड का विभिन्न कार्टूनों से बरामद हुआ।
बताया गया कि इस संपूर्ण प्रक्रियाओं का वीडियो बनाते हुए जप्ती की प्रक्रियाएं पूरी किया गया।
इसके बाद विधिवतअभियुक्त शिवम कुमार यादव की गिरफ्तारी सुनिश्चित किया गया।
इस मामले में एक्साइज पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए न्यायलय मे चार्जशीट दाखिल किया गया।
चार्जशीट दाखिल होते ही 21 सितंबर 24 को आरोपी के विरुद्ध संज्ञान लिया गया व उसी दिन आरोप गठन (चार्जफ्रेम) किया गया।
आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के दौरान आरोपी ने अपने आप को बेकसूर बतलाया था।
आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के बाद आरोपी की ओर से 05 अक्टूबर 24 को लीगल एड डिफेन्स कॉउंसिल की ओर से एलएडीसी के डिप्टी चीफ सोहनलाल ठाकुर को प्रतिनियुक्ति की गई जहाँ 05 अक्टूबर 24 को पहला व दूसरा गवाह, 19 अक्टूबर 24 को तीसरा गवाह व 23 अक्टूबर 24 को चौथा गवाह प्रस्तुत कर अभियोजन साक्ष्य को बंद कर दिया गया।
24 अक्टूबर 24 को वचाब पक्ष से भी सफाई साक्ष्य को बंद किया गया। 13 नवंबर 24 को उभयपक्ष का बहस सम्पन हुआ व आखिरकार 12 दिसम्बर 24 को सज़ा के बिन्दु पर आरोपी को कम से कम सज़ा देने की गुहार लगाई गई।दोनों पक्षो की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायधीश श्री गुप्ता ने आरोपी की सज़ा मुकर्रर की।





















