नजरिया न्यूज अररिया। रानीगंज के धामा पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्तिथ प्राथमिक विद्यालय अयूब टोला में दर्जनो ग्रामीणों ने विद्यालय बंद रहने व विद्यालय की एक शिक्षिका के यूपी में रहने के दौरान भी विद्यालय में उनकी हजारी बनाने के मामले को लेकर गुरुवार को बीईओ को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय ग्रामीण असलम, अफजल, बीबी जरीना, तहमीना, नईम, जाहिद, रुखसाना, बीबी जुमनी आदि ने संयुक्त रूप से आवेदन देकर बताया है कि प्राथमिक विद्यालय अयूब टोला 26 सितंबर से एक अक्टूबर तक बंद रहा और प्रधानाध्यापिका ई शिक्षा कोष में हाजिरी बनाकर चली जाती थी,
और चार बजे आकर नहर पर ही ई शिक्षा कोष पर हाज़िरी बनाकर चली जाती है। विद्यालय की शिक्षिका शेर्या पटेल यूपी में है इसका हाज़िरी बनाया जाता है। और जब ग्रामीणों ने बीईओ से बात किये तो बताया कि मेरे व्हाट्सएप पर भेज दीजिये। वहीं गुरुवार को बीईओ को आवेदन देने आए अबू अहद ने बताया की 26 सितंबर से एक अक्टूबर तक विद्यालय की एचएम विद्यालय से कुछ दूरी पर ही हाजिरी बना रही थी। इसके आलावे विद्यालय में चार पांच दिन तक कोई खाना नहीं बना था जबकि सभी दिन एमडीएम ऐप पर बच्चों के खाना का रिपोर्ट भेजा गया है।
इधर विद्यालय के सचिव निकहत ने बताया कि बरसात के समय तीन चार दिन खाना नहीं बना है। अब पानी घटा है तो एचएम खाना बनाने बोली है। इधर मामले को लेकर विद्यालय की एचएम नलिनी कुमारी एक वीडियो में बता रही है कि विद्यालय में पानी घुस गया था, कुत्ता मर गया था। इस कारण खाना नहीं बना था। वहीं पूछे जाने पर विद्यालय की एचएम नलिनी कुमारी ने कहा कि सब दिन खाना बना है।
किसी दिन खाना बंद नहीं हुआ है। इधर मामले को लेकर बीईओ चंदन प्रियदर्शी ने बताया कि आवेदन मिला है जांच के लिए एमडीएम पदाधिकारी को भेजा जायेगा। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी।
मॉरीशस में बिहार की कला और संस्कृति की गूँज: सचिव श्री प्रणव कुमार ने राष्ट्रपति और मंत्रियों से की ऐतिहासिक मुलाकात
- पांडुलिपि संरक्षण और मिथिला पेंटिंग के अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर हुई विस्तृत चर्चा -पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने...






















