समस्तीपुर/दलसिंहसराय (राज कुमार सिंह)
अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र के विभिन्न ईदगाहों एवं मस्जिदों में शनिवार को भारी बारिश के बावजूद, हर्षोल्लास के साथ ईद उल फितर पर्व मनाई गई।रात भर मुसलाधार बारिश और तेज हवाओं के बावजूद सुबह मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बिभिन्न ईदगाहों पर श्रद्धा के साथ ईद की नमाज अदा की और एक दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारक की शुभकामनाएं दिया।
मुस्लिम धर्म के अनुयायियों में ईद एक महत्वपूर्ण पर्व मानी जाती है। जिसको लेकर सुबह से ही बाजारों में रौनक देखने को मिला।नगर परिषद के सरदारगंज, सदर बाजार, घाट नवादा,कमरांव, बुलाकीपुर, मुस्तफापुर, चकबहाउद्दीन सहित अलग-अलग ईदगाहों एवं मस्जिदों में लोगों ने ईद की नमाजे अदा की।उक्त मौके पर ना सिर्फ लोगों ने एक दूसरे से गले मिल मुबारकबाद दी बल्कि मुल्क और दुनिया में अमन-चैन की दुआएं मांगी। इस मौके पर स्थानीय प्रशासन भी शख्त दिखी।
ईद का शाब्दिक अर्थ होता है खुशी।यह खुशियां, भाईचारा और हर्षोल्लास के लिए विशेष रूप से चर्चित होता है।मुसलमान इस पर्व को एक महीना रमजान के रोजा रखने के बाद इस पर्व को बनाते हैं और इस मौके पर में सिर्फ अपने लिए, बल्कि देश और दुनिया के लिए अमन और चैन सलामती की दुआ करते हैं। नगर क्षेत्र में इस मौके पर अमन और शांति के साथ इस त्यौहार को मनाया गया और एक दूसरे को लोगों ने बधाइयां दी।
इस्लाम में रमजान को सबसे पवित्र महीना माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि इसमें लोग संयमित रहकर ऊपरवाले से सीधे साक्षात्कार करते हैं। इस पूरे महीने में सभी मुसलमान रोजे रखते हैं। लोगों का मानना है कि सन 610 ईसवी में पैगंबर मोहम्मद साहब पर लेयलत-उल-कद्र के मौके पर पवित्र धर्म ग्रंथ कुरान शरीफ इसी महीने में नाजिल हुई थी।इसलिए इसे पवित्र महीना कहा जाता है।और इस महीने के अंतिम दिन ईद मनाई जाती है।






















