-सभी प्रखंड के चिह्नित पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने को लेकर हो रही जरूरी पहल
-संभावित मरीजों की खोज के लियेपंचायतों में चार दिनों तक संचालित होगा विशेष अभियान
अररिया, 29 जनवरी।
जिले में टीबी उन्मूलन का प्रयास जोर पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर विभागीय प्रयास जारी है, गौरतलब है की वर्ष 2025 तक देश को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इस महत्वपूर्ण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निक्षय मित्र योजना, निक्षय पोषण योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं. टीबी मुक्त भारत निर्माण की पहल पंचायत स्तर पर भी जारी है। इसे लेकर जिले में टीबी मुक्त पंचायत निर्माण की कवायद शुरू की गयी है। इसके तहत जिले के सभी प्रखंडों में दो पंचायत चिन्हित किये गये हैं। चिह्नित पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किये जा रहे हैं।
चिन्हित पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने की हो रही पहल
जिले में टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत सभी प्रखंड के दो पंचायत चिन्हित किये गये हैं। अभियान नरपतगंज प्रखंड के अचरा पंचायत से शुरू होकर फिलहाल जिले के सभी प्रखंड के चिन्हित पंचायतों में संचालित है। जिले के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत बोहरा रामपुर, कुर्साकांटा प्रखंड के कुआड़ी, अररिया के बांसबाड़ी, जोकीहाट के काकन, फॉरबिसगंज प्रखंड के पोठिया, सिकटी प्रखंड के ठेंगापुर पिपरा, पलासी प्रखंड के पकडी, भरगामा के मानुलापट्टी को टीबी मुक्त पंचायत बनाने की पहल की जा रही है। वहीं इसके अगले चरण में नरपतगंज के पिठोरा, रानीगंज के धामा, जोकिहाट के गैरकी, फॉरबिसगंज के रामपुर दक्षिण, अररिया के संदलपुर गैडा, निर्माण को लेकर विशेष अभियान संचालित किये जाएंगे।
विशेष अभियान संचालित कर हो रही रोगियों की खोज
जिला टीबी समन्वयक सह निक्षय मित्र योजना के नोडल अधिकारी दामोदर शर्मा ने बताया कि चिह्नित पंचायतों मंत प्रति एक हजार आबादी पर पचास लोगों की टीबी जांच की जानी है। इसके लिये पंचायत में सघन रोगी खोज अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के क्रम में दो या दो से कम मरीज मिलने सहित निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा करने के बाद संबंधित पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किये जाने की दिशा में जरूरी पहल की जायेगी. सर्वे के क्रम में संभावित मरीजों को चिह्नित किया जा रहा है. दूसरे दिन जांच के लिये सैंपल प्राप्त करते हुए इसे नजदीकी डीएमसी में माइक्रोस्कोपिक जांच के लिये भेजा जा रहा है।
आपसी समन्वय से होगा अभियान सफल
जिला यक्ष्मा रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह ने बताया कि चिह्नित पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने की विशेष पहल की जा रही है. अभियान की सफलता को लेकर संबंधित कर्मियों को जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है। प्रखंड स्तर पर विभिन्न विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते अभियान की सफलता को लेकर अधिकारी व कर्मियों को निर्देशित किया गया है।
रोग उन्मूलन के प्रयासों को मिलेगी मजबूती
सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित है. इसे लेकर जरूरी पहल किया जा रहा है. टीबी रोग के प्रति समुदाय स्तर पर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने, संभावित रोगियों को जांच व इलाज के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से टीबी मुक्त पंचायत अभियान की सफलता को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। इससे रोग उन्मूलन के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।























