नजरिया न्यूज़ पलासी/अररिया। जिले के पलासी ब्लॉक में स्वच्छाग्रही के पद पर कार्यरत जयप्रकाश मांझी ने आरोप लगाया है कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत पर्यवेक्षक के पद पर चयन में गड़बड़ी हुई है। जयप्रकाश मांझी को लगभग 2 साल का अनुभव है, लेकिन उनकी जगह नूर अफसाना को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर पर्यवेक्षक पद पर नियुक्त किया गया है। जयप्रकाश मांझी ने बताया कि स्वच्छाग्रही के पद पर कार्यरत होने के बावजूद पर्यवेक्षक के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनकी जगह रामनगर पंचायत की मुखिया प्रतिनिधि नूर अफसाना ने गलत तरीके से किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और इसमें गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ग्राही के अनुभव प्रमाण पत्र को प्राथमिकता दी जानी थी, लेकिन इसके बजाय फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नूर अफसाना को नियुक्त किया गया।
जयप्रकाश मांझी ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम सभा करके चयन करने के नियमों का उल्लंघन किया गया। उन्होंने अधिकारियों से मामले की जांच कराने और न्याय करने की मांग की है।
जयप्रकाश मांझी ने बताया कि डीडीसी के द्वारा सुनवाई की तिथि 28-06-2024 तय की गई थी, जो बाद में टाल दिया गया। सुनवाई की दूसरी तिथि 0-5-07-2024 को तय की गयी, जिसमे बोला गया कि जांच के लिये टीम गठित किया गया है, जाँच कर कार्रवाई की जायेगी। लेकिन 2 महीना बीत जाने के बाद भी न जाँच हुई है न कार्रवाई की गयी है। इस मामले में पलासी प्रखंड के वीडियो ने ऑन कैमरा कहने से साफ-साफ इंतजार कर दिया परंतु ऑफ कैमरा कहना है कि वे मामले की जांच करेंगे और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं पलासी प्रखंड विकास पदाधिकारी :-
पलासी प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ़ साफ इंकार कहा, साथ ही उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारी ही इस मामले में बताएंगे हम लोग अधिकृतनहीं हैं।
क्या कहते है मुखिया प्रतिनिधि नूर अफसाना :- मुखिया प्रतिनिधि ने बताया कि इस तरह का कोई मामला हमारे प्रखंड में नहीं है और ना ही किसी का गलत चयन किया गया है।






















