– डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजते हुए जिले में ज्ञान दीप योजना अन्तर्गत कितने निजी विद्यालयों में बच्चों को नामांकित कर निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है, इसकी सूची विद्यालय अनुसार मांगी है.
– निशुल्क शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक बच्चों का मौलिक अधिकार
नज़रिया न्यूज़ (विकास प्रकाश), अररिया।
अररिया जिला अंतर्गत कई विभिन्न निजी विद्यालयों में ज्ञान दीप योजना अन्तर्गत गरीब बच्चों को नामांकित कर निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना है। जिसमे कमी देखने को मिल रहा है।
यह बाते सोमवार को जिला जज हर्षित सिंह के निर्देश पर अवर न्यायधीश सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने अपने प्रकोष्ठ मे कही।
प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व वेबपोर्टल डिजिटल मीडिया नज़रिया न्यूज़ के पत्रकारो से मुखातिब होते हुए अवर न्यायधीश सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। इससे किसी का भी बंचित नहीं किया जा सकता है। सरकार के योजनाओं का सही-सही क्रियान्वयन हो यह सभी की नैतिक जिम्मेदारी भी है।
इस संबंध में डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजते हुए जिले में ज्ञान दीप योजना अन्तर्गत कितने निजी विद्यालयों में बच्चों को नामांकित कर निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है इसकी भी सूची विद्यालय अनुसार मांगने की जानकारी दिये हैं।
इस विषय पर जानकारी देते हुए डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने बतलाया कि
इसके विपरीत स्थानीय एक विद्यालय द्वारा बच्चे से इस योजना अंतर्गत फीस मांगी जा रही है। जो न्यायोचित नही है।
डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने बतलाया कि स्थानीय एक विद्यालय के छात्र की माता रीना देवी पति स्व मुन्ना पासवान के द्वारा एक आवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया के कार्यालय में आया है.
जिसके लिखा है कि उनके पुत्र साजन कुमार का नामांकन अररिया के एक निजी विद्यालय में ज्ञान दीप योजना अन्तर्गत कराया गया था, जो वर्तमान में प्रथम कक्षा मे पढाई कर रहा था।
पिछले छः माह से उससे कोई फीस नहीं लिया जा रहा था. परन्तु अब विद्यालय के द्वारा उनसे फीस की मांग की जा रही है. वर्तमान में फीस नहीं दिये जाने के कारण बच्चे का पढाई बाधित है व उनकी माँ फीस जमा करने में सक्षम नहीं है।
बच्चे के शिक्षा को बाधित होता देख जिला जज हर्षित सिंह के निर्देश पर अवर न्यायधीश सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव के द्वारा इस मामले पर संज्ञान लिया गया है।
उनके द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी से पत्राचार कर बच्चे के नामांकन सुनिश्चित कराने हेतु कहा गया है।






















