अभिमन्यु मिश्रा, नजरिया न्यूज सुपौल। सुपौल जिले के छातापुर मुख्यालय बाजार में बुधवार को भारत बंद आक्रोशपूर्ण रहा।
एससी एसटी के कई संगठन द्वारा आहूत ऑदोलन के दौरान मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया गया, सुवह सवेरे सडक पर उतरे लोगों ने बाजार को पुरी तरह बंद करवा दिया, एस एच 91 को डहरिया पूला एवं बजरंग चौक के समीप जाम कर आवागमन को बाधित कर दिया
और जगह जगह आगजनी भी की गई, जाम व प्रदर्शन के कारण हाइवे पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही और वाहन चालक व मुसाफिरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पडा, बंद को समर्थन देने इंडी गठबंधन के अलावे भाजपा सहित एनडीए के कई नेता व कार्यकर्ता भी सडक पर उतरे, सुवह छह बजे शुरू हुआ ऑदोलन समाचार प्रेषण तक जारी था, मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि आरक्षण को उपवर्गो में बाॅटने की साजिश के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया,
इस संदर्भ में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को वापस लेने, आरक्षण को संविधान की नौवीं सुचि में डालने, कॉलेजियम सिस्टम को बन्द कर उसके स्थान पर प्रतियोगी न्यायिक सेवा परीक्षा आयोजित कर जज का चयन हो, ताकि न्यायिक व्यवस्था में सभी जातियों को समान अवसर मिल सके, तथा लेटरल इंट्री सिस्टम को बंद कर सिविल सर्विसेज के द्वारा युवाओं को समान भागीदारी दिया जाय
आदि मुख्य मांगे सामिल हैं, रघुनंदन पासवान, डॉ विपिन कुमार सिंह, पवन कुमार हजारी, प्रमोद कुमार यादव, चंद्रदेव पासवान, अशोक पासवान, नीलानंद पासवान, मनीष कुमार, रूपेश कुमार, रविंद्र कुमार, उपेंद्र शाह, राजकुमार पासवान, राजकुमार ठाकुर, चंदन राम, कृष्णा राज, प्रमोद शर्मा, सुंदर सरदार, दीप नारायण सरदार, विजय सरदार, प्रेम चौपाल, दयानंद चौपाल, उपेंद्र पासवान, पिंकू कुमार, मोहन पासवान, साधु चरण पासवान, प्रवीण कुमार आदि सामिल थे।






















