नजरिया न्यूज़ रानीगंज/अररिया। बिहार में लगातार पुल गिरने की घटना सामने आई है। उसके बाद अब अररिया में एक ऐसा पुल सामने आया है जो लोगों को आश्चर्यचकित कर रहा है। दरअसल इस पुल का निर्माण नदी में ना कर बीच खेत में कर दिया गया है। इस पुल को लेकर ग्रामीणों का आरोप है के इसमें गुणवत्तापूर्ण कार्य भी नहीं किया गया।
इस मामले को लेकर अररिया डीएम इनायत खान ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जहां पुल का निर्माण कराया गया वहां विभाग के लोग को भेजा जा रहा है। ताकि इसकी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मुझे सौंपी जाएगी और अगर कोई इसमें दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल इस पुल का निर्माण जिले के रानीगंज प्रखंड के परमानपुर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में बीच बहियार में इस पुल का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कराया गया है। जो ग्रामीणों के लिए शोभा की वस्तु बनी हुई है। बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग का कारनामा देख कर ग्रामीण दांतों तले उंगली चबाने पर मजबूर है।
दरअसल लाखो रुपए खर्च करके नदी की जगह पुल का निर्माण नहीं करके बीच खेत में पुल का निर्माण संवेदक और विभाग के द्वारा कर लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 6 महीने पहले पुल का निर्माण करवाया गया था वो भी निजी जमीन पर पुल का निर्माण करवाया गया है।
लेकिन जिस जगह पर पुल बना है वहां नदी है ही नहीं बल्कि नदी उस स्थान से दूर है। ग्रामीणों ने कहा कि कुछ बिचौलियों की मिली भगत से उक्त स्थान पर पुल बना दिया गया और उसे सड़क से भी नहीं जोड़ा गया है और न ही अप्रोच का निर्माण करवाया गया है जिससे पुल उनके किसी काम का नहीं है ।
ग्रामीण पृथ्वी मंडल और जोगेंद्र मंडल ने बताया कि पुल जहां बना है। उसके बाद ग्रामीणों की लगभग 500 एकड़ जमीन है। इस मामले को लेकर डीएम इनायत खान ने गंभीरता पूर्वक लिया है। डीएम ने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि जहां पुल बना है वहां पर लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना है। किस परिस्थिति में वहां पर पुल का निर्माण कराया गया है।
इस पर जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार सड़क और पुल के निर्माण में लगभग तीन करोड़ की राशि का खर्च किया जाना है।






















