नजरिया न्यूज अररिया।
शहर के सहारा समिति में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय श्री कृष्ण भवनामृत केंद्र पिरपेटिं अध्यक्ष श्रीमान ईश्वर नाम प्रभु जी ने शुक्रवार को द्वितीय दिन कथाव्यास से कलयुग में हो रहे पापों तथा इसका हमलोगों पर प्रभाव के बारे में सभी श्रद्धालुओ को बताया। परीक्षित महाराज द्वारा कलयुग का सामना और जीव जो है किस प्रकार से इन चार पापों से बचते हुए इस जीवन में भी सुखी जीवन व्यतीत कर सकते हैं इन बारे में सभी श्रद्धालु भक्तों को समझाया।
कुंती महारानी द्वारा कृष्ण को प्रार्थना में कहते हैं कि जीव हर परस्थिति में हर समय चाहे हम दुख में हो या सुख में हो आपका स्मरण कर सकते हैं यही जीवन कि सर्वोपरि आराधना हैं। इसके बारे में कथाव्यास से समझाया। भीष्म पितामह कि मृत्यु शय्या पर से सभी जीवो को हर प्रकार से अपने कर्तव्य का निर्वाह करते हुए भी हमेशा भगवान का स्मरण किस प्रकार कर सकते हैं । अपना मन, अपना शरीर ,अपनी चेतना को भगवान में लगा सकते हैं इस बारे में विस्तृत रूप से सभी श्रद्धालु भक्तों को बताया। ये कथा का आज अंतिम दिन है। उसके बाद 14 जुलाई रविवार को श्री जगन्नाथ भगवान की शहर के विभिन्न मार्गों से रथ यात्रा निकाली जायेगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दिल्ली ईस्ट ऑफ कैलाश के इस्कॉन आश्रम इंचार्ज श्री मान मोहन श्याम प्रभु , रुचिरंग प्रभु,कमल निताय प्रभु, धनंजय प्रभु, मुकुंद प्राण प्रभु, मानव झा प्रभु, सनोज प्रभु, अजय मिश्रा प्रभु, ,अमर प्रभु, संजय झा प्रभु, सर्वात्मा मुरारी प्रभु,विक्की प्रभु मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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