नजरिया न्यूज अररिया। मामला बिहार के अररिया जिला के कुर्साकांटा थाना क्षेत्र का है। जहां पीड़िता के पिता ने बताया की शादी के नियत से उनकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री का बीते 12 जून को गांव के ही 22 वर्षीय युवक सावन कुमार द्वारा अपहरण कर लिया गया था। पीड़िता के पिता ने बताया कि पहले तो परिजनों द्वारा लड़की को काफी खोजा गया, फिर बाद में जब अपहरणकर्ता के बारे में पता चला तब हुए कुर्साकाटा थाना में आवेदन देने पहुंचे। 23 जून को उन्होंने कुर्साकाटा थाना में आवेदन दिया। कुर्साकाटा थाना में आवेदन देने के अगले ही दिन अपहरणकर्ता उनके पुत्री को फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर छोड़कर पानी लाने के बहाने फरार हो गए।
पीड़िता ने बताया कि….
पीड़िता ने बताया कि 12 दिन तक उसे अपहरण अपने साथ रखा था। इस 12 दिन में दिन भर उसे एक कमरे में बंद करके रखा जाता था और रात में अलग-अलग जगह ले जाया जा जाता था और उसके साथ दुष्कर्म भी किया करता था। हालांकि पीड़िता गांव के ही अपहरणकर्ता के अलावा किसी और को नहीं पहचान रही है। जब बीते 24 जून को पीड़िता को फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर छोड़ कर फरार हो गया था तो पीड़िता ने बताया कि उसे यह भी जानकारी नहीं थी, कि फारबिसगंज से वह घर कैसे जाएगी? तभी वह रोने लगी और आसपास के ही किसी व्यक्ति द्वारा उसे घर पहुंचाया गया।
24 जून को पीड़िता घर पहुँची। उसके घर पहुंचने पर उसके परिजन पहले मामला दर्ज कराने के लिए कुर्साकाटा थाना पहुंचे, लेकिन वहां से उसे अररिया महिला थाना भेज दिया गया। 26 जून को महिला थाना में पीड़िता के पिता द्वारा आवेदन दिया गया, लेकिन उसे महिला थाना से भी फिर कुर्साकाटा थाना भेज दिया गया। इस तरह पीड़िता और उसके पिता महिला थाना से कुर्साकाटा थाना फिर कुर्सा काटा थाना से महिला थाना का चक्कर लगाते लगाते जब परेशान हो गये, तब उन्होंने हमारे चैनल से बात कर इंसाफ दिलाने में मदद मांगा।
पीड़िता के पिता ने बताया कि….
पीड़िता के पिता ने बताया कि आरोपी पक्ष द्वारा उन्हें डराया धमकाया जा रहा है। उनके बेटी को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसीलिए वह अपनी बेटी को जगह-जगह छुपा कर रखने पर मजबूर हैं। उन्हें आशंका है कि यदि पुलिस ने तुरंत एक्शन नहीं लिया तो उनकी पुत्री या उनके साथ किसी भी घटना को अंजाम दिया जा सकता है।
आपको बता दें कि महिला थाना में आवेदन देने के 18 दिन बीत जाने के बाद भी ना तो प्राथमिक की दर्ज की गई है और ना ही कोई कार्रवाई की गई है। अब सवाल यह भी बनता है कि 12 दिनों तक जो पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया है, क्या उसका मेडिकल रिपोर्ट सही आएगा? या मेडिकल रिपोर्ट में ऐसा कुछ आएगा भी या नहीं। सवाल यह भी बनता है कि समय पर कार्रवाई नहीं होने से पीड़िता का कैस कमजोर हो जाएगा? सवाल यह भी बनता है कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिलता है तो इसका जवाबदेह कौन होगा, महिला थाना या कुर्साकांटा थाना? ऐसे में पुलिस पर यह भी आरोप लग रहा है, कि वह आरोपी पक्ष से मिली हुई है। इसीलिए समय पर कार्रवाई नहीं हुई। जिससे कैस कमजोर हो सकता है।
अब देखने लायक बात यह होगा कि इस मामले को लेकर अररिया एसपी अमित रंजन क्या कार्रवाई करते हैं
महिला थाना प्रभारी ने बताया कि ….
इस मामले में जब महिला थाना प्रभारी कुमारी अंचला से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग का है। मामले की जांच कर FIR की जाएगी। महिला थाना से लोकल थाना भेजे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकल थाना में जब महिला पदाधिकारी है, तो वहां पर प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पीड़िता आती है तो FIR की दर्ज की जाएगी।
लेकिन सवाल यह है कि नाबालिग के मामले में भी पुलिस ने इतनी देर क्यों की? जब 18 दिन पूर्व में पीड़िता और उसके पिता के द्वारा कुर्साकांटा थाना और महिला थाना का चक्कर लगाया जा रहा था, उस समय FIR क्यों नहीं की गयी? क्या इससे मेडिकल रिपोर्ट प्रभावित नहीं होगा? क्या पीड़िता का केस कमजोर नहीं होगा? खैर अब देखना यह होगा कि अब आगे कार्रवाई क्या होती है?






















