– अब दूसरी शादी करने पर होगी सात साल की सजा,
– पढ़ें- किस केस में कितनी काटनी पड़ेगी जेल।
नजरिया ब्यूरो रिपोर्ट अररिया।
आज यानी सोमवार से नया कानून लागू हो गया है। आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो चुका है। पुराने कानूनों में बदलाव से आमजन को सबसे अधिक फायदा होगा।नए कानून के तहत बदली गई धाराओं के अंतर्गत जिले के विभिन्न थानों पर जनता दरबार लगाया गया। लोगों को धाराओं में हुए बदलाव के साथ नई धाराओं में सजा का प्राविधान होगा आदि की जानकारी दी गई।
511 में से सिर्फ 358 धाराएं रह गई।
कुआडी़ थाना अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने बताया कि पहले आईपीसी एक्ट के तहत 511 धाराएं थीं, जो अब 358 रह गई हैं। उन्होंने बताया कि अब न्याय प्रणाली में तेजी आएगी। महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न के दृष्टिगत कानून सख्त किए गए हैं। महिलाओं का उत्पीड़न रोकने के लिए कई नई धाराएं भी बनाई गई हैं।
इधर कुर्साकांटा थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि विवाहित महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने की पहले कोई धारा नहीं थी, लेकिन अब नई धारा-84 के तहत मामला दर्ज होगा। इतना ही नहीं इस धारा के तहत मामला दर्ज होने पर दो साल की सजा का प्रविधान है।
इधर सिकटी थाना अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद ने नए कानून के बारे में आम जनता को अवगत कराया उन्होंने बताया की दूसरी शादी करने पर होगी सात साल की सजा वहीं, यदि पहली शादी होते हुए कोई कपटपूर्वक किसी महिला से शादी करता है या पत्नी के जिंदा रहते हुए दूसरी शादी करता है तो ऐसे मामलों में सात साल की सजा हो सकती है।
इधर सोनामणी गोदाम थाना परिसर में थाना अध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि किसी के अपहरण, डकैती, संविदा पर हत्या, साइबर अपराध, अवैध माल की सप्लाई आदि के लिए संगठित अपराध के लिए नई धारा बनाई गई है। अब 111 के तहत मामला दर्ज होगा। इसमें पांच साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इस मौके पर पूर्व मुखिया मुस्ताक अली अरविंद मंडल, मोहम्मद शाहजहां जिला परिषद रघु सिंह मुखिया बीना देवी सरपंच पूजा देवी फूलचंद पासवान विक्रम बालाजी सरदार अमर सिंह सियाराम यादव रामप्रसाद शर्मा, सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।






















