उत्तर प्रदेश की प्रत्येक तहसील में जन समस्याओं का संपूर्ण समाधान के लिए संपूर्ण समाधान दिवस का 15जून को आयोजन किया गया जिसमें 161 से अधिक लोगों ने चिलचिलाती धूप में सुलतानपुर जिले के कादीपुर तहसील में पहुंचकर आवेदन दिए। आवेदन देने वाले इन आवेदकों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। कादीपुर तहसील के पाकरपुर में रहने वाले दो परिवारों के घर का हाल देखिए इस रिपोर्ट
रिपोर्टः अनिल उपाध्याय, नजरिया न्यूज ब्यूरो, पूर्वांचल:
ग्राम पंचायत पाकरपुर में 1972में चकबंदी को लेकर सर्वे शुरू हुआ। उस समय उतर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी। चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर था। अमीर काश्तकारों की तूती बोल रही थी। गरीब काश्तकारों की पैतृक संपत्ति पर लेखपाल और कानून गो काश्तकारों का कब्जा लिखकर गरीब काश्तकारों को उनकी पैतृक संपत्ति से वंचित कर रहे थे। चकबंदी विभाग के अधिकारियों की अमीर वर्ग दामाद की तरह सेवा कर रहा था। सन् 19 89। लोकसभा चुनाव के दौरान फार्म 23 बांटा जा रहा था। गरीब काश्तकार फार्म 23 की रिपोर्ट देखकर क्षुब्ध थे। उस समय के चकबंदी लेखपाल और एसीओ गरीब काश्तकारों की नहीं सुन रहे थे। भू-माफिया और चकबंदी विभाग मिलीभगत जारी थी।
ग्राम पंचायत पाकरपुर के बगल स्थित ग्राम उमरपुर में तो गरीब काश्तकारों में विद्रोह नजर आने लगा। यह विद्रोह इतना भड़का कि चकबंदी विभाग की तानाशाही की आग में दर्जनों परिवार जिंदा भीष्म हो गए। वहीं ग्राम पंचायत पाकरपुर के किसानों ने चकबंदी विभाग की काली करतूतों के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। माननीय हाईकोर्ट ने पाकरपुर की चकबंदी पर रोक लगा दी।
फिलहाल माननीय हाईकोर्ट के आदेश पर जून 2024 में पाकरपुर में चक कट रहा है। गरीब काश्तकारों को 100 प्रतिशत संतुष्टि प्रदान करने की कोशिश चकबंदी विभाग द्वारा की जा रही है। लेकिन भू-माफिया शासन प्रशासन को अब भी चुनौती पेश कर रहे हैं।
16जून 2024 को तहसील दिवस पर आवेदन देने वालों ने बताया कि गाटा संख्या 2041 जगदीश सिंह सुत हौसिला सिंह के दरवाजे पर स्थित है। जगदीश सिंह गाटा संख्या 2041 पर चक चाहते हैं, जो 100 प्रतिशत जायज है।
फिलहाल गाटा संख्या 2041 पर सात-आठ लोगों का 39-40 एयर का चक काटा गया है। इन सात-आठ लोगों को उनके घर के सामने भी चक काटा गया है। सवाल उठ रहा है कि चकबंदी विभाग सात- आठ काश्तकारों को उनके घर के सामने भी 39-40 एयर का चक दिया है। इन्हीं सात-आठ काश्तकारों को जगदीश सिंह के घर के सामने भी 39-40 एयर का चक दिया है। क्या यह चकबंदी अधिनियम की धज्जियां उड़ाना है, यह जानकारी तो चकबंदी विभाग के आला अधिकारी ही दे सकेंगे।
उल्लेखनीय हैं कि संपूर्ण समाधान दिवस के आवेदक ने संपूर्ण समाधान दिवस प्रभारी से अपने घर द्वार के सामने स्थित गाटा संख्या 2041 पर चक की मांग की है।
एसीओ स्तर पर आवेदक को गाटा संख्या 2041 पर 39-40 एयर का चक मिला भी था जो एसओसीसी स्तर पर पक्ष नहीं रखने पर खारिज कर दिया गया। यही मामला अब डीडीसी न्यायालय में हैं। आवेदक जगदीश सिंह के द्वारा मांग की गई कि गाटा संख्या 2041 में उन्हें चक दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि गाटा संख्या 2041 में चक पाने वाले अधिकांश काश्तकारों को उनके घरों के सामने स्थित गाटा में चक चकबंदी विभाग ने आवंटित किया है।
ऐसे में प्राकृतिक न्याय यह होगा कि जगदीश सिंह को उनके घर के सामने स्थित गाटा संख्या 2041 में डीडीसी स्तर से चक आवंटित किया जाए। गाटा संख्या 2041 को लेकर संपूर्ण समाधान होगा। जारी…




















