अशोक सिंह सुबेदार, विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज, मुंबई, 15जून।
भुसावल, जलगांव (महाराष्ट्र) :*
सतपुड़ा पर्वतश्रेणी तथा दक्कन के पठरी भाग के अजंता पहाड़ी शृंखला के मध्य ताप्ती नदी के तट पर स्थित महाराष्ट्र के जलगांव जिले का मुख्य नगर भुसावल। यह नगर रेलनगरी के नाम भी जाना जाता है तथा भौगोलिक दृष्टि से भुसावल शहर के केले व कपास की खेती के लिए काफी प्रसिद्ध है। ऐसे भुसावल नगरी में शनिवार को जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता, मानवता के मसीहा आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ आध्यात्मिकता की गंगा प्रवाहित करने के लिए पधारे तो भुसावलवासियों ने मानवता के मसीहा का भव्य स्वागत किया।
शनिवार को प्रातः शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी ने कुर्हे (पानाचे) से गतिमान हुए। पुनः ग्राम के भीतर पधार कर गुरुदेव ने जैन भवन में मंगल पाठ प्रदान किया। भुसावल के उत्साही श्रद्धालु विहार से पूर्व ही अपने आराध्य की सन्निधि में पहुंच गए थे। भुसावलवासी अपने आराध्य के आगमन से अति आनंदित नजर आ रहे थे। चारों ओर उत्साह छाया हुआ था। नगर में लगे होर्डिंग्स व बैनर श्रद्धालुओं की भावनाओं को दर्शा रहे थे। जगह-जगह बनी रंगोलियां भी बनाई गयी थीं। जैसे ही आचार्यश्री ने भुसावल नगर की सीमा में पावन प्रवेश किया, श्रद्धालुओं ने बुलंद जयघोष के साथ अपने आराध्य का अभिनंदन किया। इस दौरान स्थानीय आमदार श्री संजय सावकरे भी स्वागत में उपस्थित हुए। मार्ग में बियानी मिलिट्री स्कूल प्रांगण में पधार कर गुरुदेव ने प्रबंधकों को सुभाशीष प्रदान किया। भव्य स्वागत जुलूस के साथ आचार्यश्री महाश्रमणजी भुसावल नगरी में स्थित तेरापंथ भवन में पधारे।






















