सब हेडिंग: उत्रर प्रदेश गा रहा है रघुकुल सा घराना हो अयोध्या सी नगरी हो
अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो नजरिया न्यूज, 07अप्रैल।
लोकसभा चुनाव 2024 की उलटी गिनती जारी है। उत्रर प्रदेश गा रहा है- जो पेड़ लगाया हमने पहले, उसी का फल पा रहे हैं। रचा है जिसने सृष्टि, सृष्टि वहीं चला रहे हैं। दूसरा लोक गीत हैं– रघुकुल सा घराना हो, अयोध्या सी नगरी हो। उल्लेखनीय है देश रामराज्य का 10वर्ष से इंतजार कर रहा है। जनमानस की यह इच्छा लोकगीत में स्वर में पा रही है। अवसर था उतर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के करौलीकलां थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाकरपुर के निवासी गुरदीन सिंह के आवास पर बरही कार्यक्रम का। इस मौके पर तमाम सैकड़ों वरिष्ठ नागरिकों सहित
रतनसेन सिंह, राजेंद्र सिंह, भानु प्रताप सिंह,ग्राम पंचायत अध्यक्ष भाजपा अनिल सिंह, राम प्रताप सिंह, शिव शंकर सिंह इत्यादि भी मौजूद थे। वहीं सुलतानपुर के ही निवासी आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सांसद संजय सिंह और देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति ख्यातिलब्ध अर्थशास्त्री डॉ. प्रभाकर देश को राम राज्य की परिकल्पना से दूर होता हुए देख रहे हैं। देश की अधिकांश संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर होता हुआ देख रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति ख्यातिलब्ध अर्थशास्त्री डॉ. प्रभाकर ने मेन स्ट्रीम मीडिया की राष्ट्रीय मुद्दों पर चुप्पी पर गहरी चिंता जताते हुए सांसदों और पार्टियों पर भरोसा जताया है।
वित्त मंत्री सीता निर्मला रमण के पति ख्यातिलब्ध अर्थशास्त्री डॉ. प्रभाकर और वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा की यूट्यूब पर विशेष बातचीत का संपादित अंश:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डेमोक्रेटिक नहीं है।विश्व के किसी भी देश में एक साथ 145 एमपी एक साथ कभी संस्पेंट नहीं किए गए हैं।
बेरोज़गारी चरम पर है। देश के युवा गांजा पट्टी और उक्रेन में जाकर युद्ध लड़ने की नौकरी करना चाहते हैं। वहां से जीवित लौटने की उम्मीद भी नहीं है।
मनरेगा का साल भर का बजट छह माह में खर्च हो गया। इसका मतलब है शहर में रोजगार नहीं है।
टूजी घोटाला सिद्ध नहीं हुआ था। फिर भी 2014 में कांग्रेस पार्टी को जनता ने वोट नहीं दिया। वहीं मोदी सरकार में इलेक्ट्रोल बॉन्ड घोटाला सिद्ध हो चुका है।
मंहगाई चरम पर है। वेतन नहीं बढ़ रहा है। एक साल से मणिपुर जल रहा है। अखबार नहीं छाप रहा है। लद्दाख में क्या हो रहा है, किसी को पता नहीं चल रहा है। लगता है डेमोक्रेटिक सरकार की परिभाषा बदल दी गई है।
राज्य का राइट छीन लिया गया है। राज्यों को जितना पैसा जना चाहिए, नहीं जा रहा है।
सुलतानपुर जिले के पाकरपुर ग्राम में गुरुदीन सिंह के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में “रघुकुल रीति सदा चल आई प्राण जाए पर वचन जाई” का संदेश देता लोक कलाकार
टेलीविजन और न्यूज पेपर कुछ लिख नहीं रहा है। सोशल मीडिया कुछ लिख रहा है। मेन स्ट्रीम मीडिया को कुछ हो गया है।
वोटर शांत है। इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी में समझ कुछ नहीं आ रहा है।
कृषि सेक्टर पर सब कुछ डिपेंड है। प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर है। आपने कृषि के लिए तीन कानून लाए थे लेकिन उस पर तीन मिनट की भी बहस नहीं कराएं थे।
भाजपा 230 से अधिक सीट नहीं पा रही है। सुन रहा हूं कि भाजपा सरकार बनाएगी। यदि ऐसा हुआ तो मणिपुर जैसी घटनाएं आपके नजदीक ही सुनाई पड़ेगी। कोई भी सांसद मोदी सरकार को समर्थन नहीं देने जा रहा है। मेरे हिसाब से जो दल बीजेपी के साथ हैं, मोदी का सपोर्ट नहीं करेंगे। क्योंकि 2024के बाद देश में इलेक्शन नहीं होगा।
हमारा संविधान लिबरल है। लोकतांत्रिक है। सभी के लिए है। हमारी बात को हल्के में मत लीजिए। यह मेरा रिक्वेस्ट है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सुलतानपुर निवासी सांसद संजय सिंह से वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार की लाइव बातचीत का वावरल वीडियो का संपादित अंश:*
आम आदमी पार्टी के नेता संजय संजय सिंह ने कहा: प्रधानमंत्री नरेंद्र नरेंद्र मोदी जी के 10वर्ष के कार्यकाल में भारत विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था बन गया है। वहीं विश्व अर्थव्यवस्था की ही रिपोर्ट हैं कि भारत की प्रति व्यक्ति आय के मामले में विश्व के देशों में भारत 142वें नंबर हैं।
उल्लेखनीय है कि यह आंकड़ा आम आदमी के लिए बेहद पीड़ादायक है। आय का आंकड़ा एक स्वस्थ देश में 10-20का चलता है। 10-1000का आंकड़ा अच्छे शासन व्यवस्था का उदाहरण नहीं बन सकता।
आम आदमी पार्टी के नेता और सुलतानपुर निवासी संजय ने ईडी द्वारा जेल भेजे जाने की कहानी पर सुप्रीम के आदेश का शब्दसह अनुपालन करते हुए कहा हम अपने मुकदमे पर कोई बातचीत नहीं करेंगे लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुकदमे पर बातचीत कर सकते हैं।
जिंदगी का अधिकांश लमहा जेल में बिताने वाले नोबल पुरस्कार से सम्मानित नेल्सन मंडेला की चर्चा करते हुए सांसद संजय सिंह ने कहा कि जेल में रहते हुए उनकी जीवनी पढ़ने से प्रेरणा मिली कि अन्याय का प्रतिकार करना चाहिए। मौत सुनिश्चित है। मरने के बाद देश और समाज याद करें, मेरी इस भावना को नेल्सन मंडेला की जीवनी पढ़ने से बहुत ताकत मिली है।
इससे पहले उन्होंने कहा:
हम पांचवीं अर्थ व्यवस्था विश्व में बन गए लेकिन प्रति व्यक्ति अर्थव्यवस्था में 142वें नंबर पर क्यों हैं? प्रति व्यक्ति आय चिंता का विषय है? 82करोड़ लौंग पांच किलो राशन पर जीने के लिए मजबूर क्यों हैं?
हर आदमी को एक दिन जाना है। इतिहास किस नाम से याद रखेगा, यह सोचना है। मुझे और मेरी पार्टी आम आदमी को मोदी के अत्याचारों से लड़ने के लिए हमेशा याद किया जाए। यही इच्छा है।





















