=कांग्रेस मुद्दों को लेकर मुखर, भाजपा चुप है क्यों
दुर्केश सिंह/अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो, नजरिया न्यूज किशनगंज, 29मार्च।
मतदाता की शक्ति निराकार है।लोकसभा, विधानसभा, ग्राम सभा की शक्ति के रूप में मतदाताओं की शक्ति साकार होती है। इस समय लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। मतदाताओं की निराकार शक्ति से लोकसभा 2024 का गठन होगा। सबसे बड़ा दल प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा। भाजपा में कौन प्रधानमंत्री बनेग, यह सुनिश्चित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा अपना नेता चुन चुकी है। वे 10वर्ष से प्रधानमंत्री हैं। वर्ष 2014में और वर्ष 20219 में लोकसभा चुनाव में जो घोषणा भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में नहीं किया था, उसे भी प्रमुखता से लागू किया है। इलेक्ट्रोल बॉन्ड कानून बनाने की घोषणा भाजपा के घोषणा पत्र में नहीं शामिल था। लेकिन काला धन लाकर मतदाताओं को देने का वादा लोकसभा चुनाव 2014में किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून बनाकर भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों कोइलेक्ट्रोल बॉन्ड के जरिए मालामाल किया है, लेकिन मतदाताओं को इलेक्ट्रोल बॉन्ड के धन कुछ नहीं मिला और ना ही देश को कुछ मिला है। वहीं इलेक्ट्रोल बॉन्ड के माध्यम से सफेद पैसा सबसे अधिक भाजपा को मिला है। लोकसभा चुनाव 2024में भाजपा गारंटी दे रही है कि मुफ्त में अनाज और चावल मतदाताओं को मिलता रहेगा। मंहगाई , बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार मुक्त देश का नारा भाजपा नहीं दे रही है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर वादा कर रही है:
गरीब परिवार के हर नारी को एक लाख रुपये वार्षिक देंगे
बेरोज़गार सुशिक्षित बच्चों को एक लाख रुपये एक वर्ष में देकर हुनरमंद बनाएंगे।
= महिलाओं का मानदेय दोगुना करेंगे ।मनरेगा मजदूरों को 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देंगे। किसानों के लिए वादा है: एमएसपी कानून बन जाएगा। खेती करने के लिए किसानों द्वारा खरीदी जाने वाली फसल उत्पादन सामग्री पर जीएसटी नहीं लगेगा।
मतदाताओं की टिप्पणी:
विष्णु भगवान ने भस्मासुर के साथ नृत्य करते हुए उसका हाथ उसके ही सिर पर रखवा दिया और उसका हाथ सिर पर रखते ही वह भस्म हो गया। इस तरह भगवान विष्णु ने शिव शंकर को उनके ही दिए गए वरदान बचाया। तभी से यह कथा प्रचलित है कि भगवान विष्णु ने स्त्री रूप धारण कर भगवान शिव के प्राणों की रक्षा की थी। इस टिप्पणी पर सवाल करने पर मतदाताओं ने कहा:
जब विष्णु भगवान ने देखा कि भस्मासुर भोलेनाथ के पीछे पड़ा है और महादेव भस्मासुर से अपना पीछा छुड़ाना चाहते हैं। भस्मासुर से अपनी जान बचाने के लिए भगवान शिव एक गुफा में छिप गए। तब विष्णु भगवान को एक युक्ति सूझी और उन्होंने एक स्त्री का रूप धारण किया और भस्मासुर के सामने स्त्री के रूप में प्रकट हुए।विष्णु भगवान ने उसे मोहित कर अपने साथ नृत्य करने पर विवश कर दिया और वह नृत्य करने लगा।
भस्मासुर का अंत:
विष्णु भगवान ने भस्मासुर के साथ नृत्य करते हुए उसका हाथ उसके ही सिर पर रखवा दिया और उसका हाथ सिर पर रखते ही वह भस्म हो गया। इस तरह भगवान विष्णु ने शिव शंकर को उनके ही दिए गए वरदान बचाया। तभी से यह कथा प्रचलित है कि भगवान विष्णु ने स्त्री रूप धारण कर वरदान देने वाले भगवान वाले भगवान शिव के प्राणों की रक्षा की थी। मतदाताओं ने कहा: मतदाता उसको खुश कर देगा जो मतदाताओं की पूजा करेगा। मतदाताओं की रक्षा भगवान विष्णु करेंगे।





















