=संसद में अटलजी के बारे में पंडित जवाहर लाल नेहरूजी ने कहा था- ‘मैं इस युवक में भारत का भविष्य देख रहा हूं’: नेहरू जी ने 1957में भविष्यवाणी की थी कि भविष्य में अटल जी प्रधानमंत्री बनेंगे
=किसानों और बेरोज़गारों की समस्याओं को उठाने के चलते वरुण गांधी का काट दिया गया टिकट: मीडिया रिव्यू
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी/मीरा प्रवीण वत्स, विशेष संवाददाता, नजरिया न्यूज, 26मार्च।
1947 के बाद का इतिहास लोकसभा चुनाव 2024 को शत प्रतिशत प्रभावित करने जा रहा है। नेहरू जी और लोकनायक जयप्रकाश 1947के बाद के भी इतिहास हैं। नेहरूजी, लोकनायकजी और अटलजी के अनूवायियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल ने एकजुट होने को मजबूर कर दिया है।मनकी बात कहने पर वरुण गांधी का टिकट भाजपा ने काट दिया है। कांग्रेस पार्टी ने वरुण गांधी को कांग्रेस में शामिल होने के न्योता दिया है।
1947के बाद का भारत:
संसद में अटलजी के बारे में पंडित जवाहर लाल नेहरूजी ने कहा था: ‘मैं इस युवक में भारत का भविष्य देख रहा हूं।नेहरू जी ने 1957में भविष्यवाणी की थी कि भविष्य में अटल जी प्रधानमंत्री बनेंगे।
क्या नेहरू जी के बाद देश में कोई ऐसा नेता पैदा हुआ जो भविष्य की घटनाओं पर अपने वर्तमान में भविष्यवाणी कर सके।
फिलहाल लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सोशल मीडिया और मित्र मीडिया तथा निष्पक्ष मीडिया, तीन प्रकार की खबरें लोकसभा चुनाव 2024को लेकर रिपोर्ट की जा रहीं हैं।
सोशल मीडिया और निष्पक्ष मीडिया का सबसे बड़ा दर्द है: अधिक विज्ञापन बटोरने वाली मीडिया कंपनियां देश से खबर को छुपा रही हैं।ऐसी मीडिया कंपनियां 2014 से पहले-पांच साल और यह हाल जैसा अभियान चलाया करतीं थीं। क्या 2024 में चुनाव संपन्न होने से पहले 10साल और यह हाल जैसा अभियान चलाने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया और निष्पक्ष मीडिया, दोनों का मानना कि मित्र मीडिया के मालिक पूंजीवादी व्यवस्था के पोषक बन गए हैं। सोशल एक्टिविस्टों को भी यह दर्द है कि कार्पोरेट घराने से जुड़ी मित्र मीडिया देश से देश की सच्चाई को छुपाकर अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहीं हैं। कार्पोरेट मीडिया जिसकी धारदार कलम से 2014तक सत्ता बदलती रही, उस मीडिया का दर्शन दुर्लभ हो गया है।
क्या सच बोलने पर वरुण गांधी का टिकट काट दिया गया;
सोशल मीडिया पर टिप्पणी:
संजय गांधी के पुत्र वरुण गांधी का पीलीभीत से भाजपा ने टिकट काट दिया है। पीलीभीत के मौजूदा सांसद वरुण गांधी को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया।
दरअसल बीजेपी सांसद वरुण गांधी अटलजी के पदचिन्हों पर चलते हुए अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं को उठाते रहे। बीते पांच वर्ष में वरुण गांधी अपनी विशेष छवि गढ़नें में सफल रहे। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं बर्दाश्त कर सके और वरुण गांधी को बेटिकट कर दिया। यह टिप्पणी सोशल मीडिया की है। पीलीभीत से जितिन प्रसाद को टिकट भाजपा ने दिया है।
बता दें कि1889 से इस सीट पर मेनका गांधी और बाद में वरुण गांधी जीतते रहे हैं। मेनका वरुणा गांधी की मां हैं। वे सुलतान से भाजपा की सांसद हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने सुलतानपुर से मेनका गांधी को टिकट दिया है।
आज अख़बारों में वरुण गांधी का टिकट काटा जाना सुर्खियों में है। हिंदी अख़बार हिंदुस्तान ने शीर्षक में सवाल पूछा है- वरुण गांधी का टिकट काटा, अब क्या करेंगे, निर्दलीय लड़ेंगे या साइकिल पर सवार होंगे। हालांकि वरुण गांधी को कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का न्योता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा दिया गया है।
वरुण गांधी के निची सचिव ने 20 मार्च को नामांकन पत्र के चार सेट ख़रीदे थे। अख़बार लिखता है कि इसी के बाद से उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
वरुण गांधी पीलीभीत से मौजूदा सांसद हैं. लेकिन अब बीजेपी ने उनकी जगह राज्य सरकार में मंत्री जितिन प्रसाद को टिकट दिया है।
वरुण गांधी कई मुद्दों को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार पर हमलावर होते रहे थे:
वरुण गांधी ने बेरोज़गारी से लेकर किसानों के मुद्दों तक पर अपनी ही पार्टी की सरकार को घेरा था।
बीते दिनों पीलीभीत स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम में वरुण गांधी ने बीजेपी नेताओं के साथ मंच साझा किया था और इसके बाद से ही उनके और पार्टी के बीच चीज़ें ठीक होने के कयास लगाये जा रहे थे।
वरुण गांधी ने इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ भी की थी।हालांकि रविवार को वरुण गांधी का टिकट काट दिया गया।ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा रही है।
वरुण गांधी के निजी सचिव ने 20 मार्च को नामांकन पत्र के चार सेट ख़रीदे थे। पर्चे ख़रीदने के बाद वरुण गांधी के निजी सचिव ने बताया था कि उन्होंने वरुण के कहने पर ही चार सेट ख़रीदे हैं।
ऐसे में अब ये क़यास लगाया जाने लगा है कि वरुण गांधी निर्दलीय भी चुनाव लड़ सकते हैं।
हालांकि, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनके दिल में वरुण के लिए सॉफ़्ट कॉर्नर है।
अखिलेश यादव ने कहा था कि अगर दूसरे दलों से नेता हमारे साथ आते हैं उस पर विचार किया जाएगा
समाजवादी पार्टी पीलीभीत से पहले ही भगवतशरण गंगवार को टिकट दे चुकी है, हालांकि वो स्वयं वरुण गांधी के लिए सीट छोड़ने का प्रस्ताव दे चुके हैं।
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक़, गंगवार ने कहा था, “अगर वरुण गांधी सपा में शामिल होते हैं तो मैं उनके लिए अपनी सीट छोड़ने को तैयार हूं। हाई कमान ने मुझे टिकट दिया है, अगर वरुण आते हैं तो मैं ख़ुशी-ख़ुशी सीट छोड़ दूंगा।
फिलहाल ऐसा लगता है कि नेहरूजी, लोकनायकजी और अटलजी के अनुवायी एकजुट होकर 2024के लोकसभा चुनाव मतदान करने जा रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10वर्ष के कार्यकाल इसका श्रेय इतिहास देगा।





















