= कांग्रेस ने इस सीट पर छह बार जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को सिर्फ चार बार ही जीत हासिल हुई है
=समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को दो-दो बार जीत मिली है
= जौनपुर सीट से अब तक सबसे अधिक 11 बार राजपूत विजयी रहे हैं,जबकि चार बार यादव और दो बार ब्राह्मण उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है
अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो, नजरिया न्यूज,27मार्च।
जौनपुर लोकसभा सीट पर सर्वाधिक बार जीतने का रिकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। कांग्रेस ने इस सीट पर छह बार जीत दर्ज की है। जबकि बीजेपी को सिर्फ चार बार ही जीत हासिल हुई है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को दो-दो बार जीत मिली है। इस सीट से अब तक सबसे अधिक 11 बार राजपूत विजयी रहे हैं। जबकि चार बार यादव और दो बार ब्राह्मण उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। लोकसभा चुनाव 2024में भाजपा ने कृपाशंकर सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। कृपाशंकर सिंह की राजनीतिक कर्म भूमि मुंबई रही। उत्तर प्रदेश और बिहार के मुंबई निवासी उन्हें बेहद सम्मान और आदर देते हैं। यह सम्मान और आदर मतदान में कितना तब्दील होता है, इसकी जानकारी चार जून को मिलेगी।
जौनपुर के अधिकांश राजनीतिकों की नजरें इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों पर टिकी हैं। फिलहाल 27मार्च तक इंडिया गठबंधन की तरफ से उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है।
अमर उजाला अखबार के एक रिपोर्ट के मुताबिक:
भाजपा ने सभी राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पूर्वांचल की जौनपुर लोकसभा सीट से कृपाशंकर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। पार्टी की रणनीति है कि राजपूत उम्मीदवार होने के कारण जौनपुर का सवर्ण समुदाय पूरी तरह उसके साथ एकजुट रहेगा और उसे आसान जीत मिल जाएगी। लेकिन पूर्व कांग्रेसी नेता कृपाशंकर सिंह की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई हैं। पहले तो चर्चा यही है कि जौनपुर के बाहुबली नेता धनंजय सिंह अपनी पत्नी को जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से मैदान में उतार सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो भी राजपूत मतदाताओं में एक बड़ा बंटवारा हो सकता है जो भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है।
2019के लोकसभा चुनाव में बसपा से श्याम सिंह यादव, बीजेपी से कृष्ण प्रताप सिंह, कांग्रेस से देव व्रत मिश्र उम्मीदवार थे। वहीं लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी से कृष्ण प्रताप,बसपा से सुभाष पांडेय,सपा से पारसनाथ यादव,आईएनडी से धनंजय सिंह और कांग्रेस से रवि किशन उम्मीदवार थे।
लोकसभा चुनाव 2019में बसपा के श्याम सिंह यादव विजयी घोषित किए गए थे। उन्हें 5,21,128वोट मिले थे, जो कुल मतों का 56प्रतिशत था।
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कृष्ण प्रताप सिंह दूसरे नंबर पर थे। उन्हें 4,40,192 वोट मिले थे। 80,936मतों से वे चुनाव हार गए थे।





















