मीरा प्रवीण वत्स, विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज, 22मार्च।
प्रवर्तन निदेशालय (ई़डी) ने शुक्रवार को कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ‘शराब घोटाला मामले में मुख्य ‘षड्यंत्रकर्ता’ हैं
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एजेंसी ने राउज एवेन्यू अदालत से केजरीवाल की 10 दिन की कस्टडी मांगी है।
ईडी ने स्पेशल जज कावेरी बावेजा को बताया कि केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 बनाने और इसे लागू करने के बदले ‘साउथ ग्रुप’ से रिश्वत के रूप में कई करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं सोशल मीडिया ने सवाल उठाया है कि असंवैधानिक कानून घोषित कर दिया गया इलेक्ट्रोल बॉन्ड भी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 की तरह बनाने और इसे लागू करने के बदले रिश्वत लेने की दृष्टि से क्या ईडी देखेगी ?
इलेक्ट्रोल बॉन्ड पर नितिन सेठी की टिप्पणी:
नितिन सेठी ने बीबीसी के कहा, ”नामी कंपनियों ने ख़ुद सीधे चंदा नहीं दिया, बल्कि एक छोटी सी निजी मालिकाने वाली कंपनी के मार्फत राजनीतिक दलों को कई सौ करोड़ रुपये चंदा दिया।उस कंपनी का आम तौर पर नाम तक पता नहीं चलेगा और ना ही उसका कोई मुनाफ़ा है। यह कंपनी हज़ारों करोड़ रुपये का कारोबार करती है लेकिन उसका कहना है कि उसे कोई मुनाफ़ा नहीं होता। लेकिन वो फिर राजनीतिक दलों को कई सौ करोड़ रुपये का फंड दे देती है।





















