डेटा 12 अप्रैल 2019 से 24 जनवरी 2024 तक सार्वजनिक
-ख़रीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए हैदराबाद स्थित मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ़्रास्ट्रक्टर लिमिटेड (एमईआईएल) ने बीजेपी को 584 करोड़ रुपए का चंदा दिया है
-एमईआईएल ने अपने कुल डोनेशन का 60 फ़ीसदी बीजेपी को दिया है
-यह किसी भी डोनर का किसी एक पार्टी को दिया गया सबसे बड़ा चंदा है
इसके अलावा एमईआईएल ने 195 करोड़ रुपए तेलंगाना में केसीआर की पार्टी भारत राष्ट्र समिति को दिए-यह रक़म उसके कुल डोनेशन का 20 फ़ीसदी है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके को एमईआईएल से 85 करोड़ रुपए मिले हैं
-इसी की सहायक कंपनी वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 110 करोड़ रुपए का चंदा कांग्रेस को और 80 करोड़ रुपए बीजेपी को दिया है
दुर्केश सिंह,संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज,22मार्च।
गुरुवार को चुनाव आयोग ने जो डेटा जारी किया है, उससे सारी जानकारी सार्वजनिक हो गई है कि इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए किससे किस पार्टी को चंदे के रूप में कितनी बड़ी रक़म मिली है।यह डेटा 12 अप्रैल 2019 से 24 जनवरी 2024 तक ख़रीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड का है।
इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए किससे किस पार्टी को चंदे के रूप में कितनी बड़ी रक़म मिली है।यह डेटा 12 अप्रैल 2019 से 24 जनवरी 2024 तक ख़रीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड का है।
हैदराबाद स्थित मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ़्रास्ट्रक्टर लिमिटेड (एमईआईएल) ने बीजेपी को 584 करोड़ रुपए का चंदा दिया है। एमईआईएल ने अपने कुल डोनेशन का 60 फ़ीसदी बीजेपी को दिया है।
यह किसी भी डोनर का किसी एक पार्टी को दिया गया सबसे बड़ा चंदा है। इसके अलावा एमईआईएल ने 195 करोड़ रुपए तेलंगाना में केसीआर की पार्टी भारत राष्ट्र समिति को दिए. यह रक़म उसके कुल डोनेशन का 20 फ़ीसदी है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके को एमईआईएल से 85 करोड़ रुपए मिले हैं।इसी की सहायक कंपनी वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 110 करोड़ रुपए का चंदा कांग्रेस को और 80 करोड़ रुपए बीजेपी को दिया है।
लॉटरी किंग नाम से मशहूर सैंटियागो मार्टिन की फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज पीआर ने सबसे ज़्यादा तृणमूल कांग्रेस को 542 करोड़ रुपए का चंदा दिया है। फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने 1,368 करोड़ रुपए की क़ीमत के इलेक्टोरल बॉन्ड ख़रीदे थे।
इस रक़म का 39.6 फ़ीसदी हिस्सा ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को मिला है और इसके बाद डीएमके को 36.7 प्रतिशत (503 करोड़ रुपए) मिला है, जबकि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी 154 करोड़ रुपए मिले हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी को इस कंपनी से 100 करोड़ रुपए मिले हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 21 मार्च तक इलेक्टोरल बॉन्ड के अल्फा न्यूमरिक नंबर्स जारी करने के लिए कहा था. इस अल्फ़ा न्यूमरिक नंबर्स से पता चलना था कि किस राजनीतिक पार्टी को किस कंपनी या व्यक्ति से चंदे के रूप में कितनी बड़ी रक़म मिली है. सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश से पहले एसबीआई अल्फ़ा न्यूमरिक नंबर देने से बच रहा था.
पहले सेट में 386 पन्नों में ये जानकारी है कि किस कंपनी ने किस तारीख़ को कितने रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड ख़रीदा. इस सूची में चुनावी बॉन्ड का नंबर और उसे जारी करने वाली ब्रांच के कोड भी दिए गए हैं.
दूसरे सेट में 552 पन्नों में सूचीबद्ध तरीक़े से बताया गया है कि किस राजनीतिक दल ने किस तारीख़ को कितने रुपए का चुनावी बॉन्ड भुनाया।इस सूची में भी बॉन्ड का नंबर दिया गया है।
किस पार्टी को किससे कितना मिला
भारतीय जनता पार्टी
मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड वो कंपनी है, जिसने बीजेपी को सबसे ज़्यादा चंदा दिया। इस कंपनी ने पार्टी को 584 करोड़ रूपए इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिये दिए।
क़्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड ने बीजेपी को 375 करोड़ रुपए का चंदा इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए दिया।
वेदांता लिमिटेड ने बीजेपी को 230.15 करोड़ रुपए का चंदा दिया।
तृणमूल कांग्रेस
फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज़ ने तृणमूल कांग्रेस को 542 करोड़ रुपए का चंदा दिया।
हल्दिया एनर्जी ने इस पार्टी को 281 करोड़ रुपए दिए।
धारीवाल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने तृणमूल कांग्रेस को 90 करोड़ रुपए का चंदा दिया।
कांग्रेस पार्टी
कांग्रेस को सबसे ज़्यादा चंदा वेदांता लिमिटेड से मिला।इस कंपनी ने कांग्रेस को 125 करोड़ रुपए का चंदा दिया।
वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन ने कांग्रेस को 110 करोड़ रुपए दिए।
एमकेजे इंटरप्राइजेज ने कांग्रेस को 91.6 करोड़ रुपए दिए।
भारत राष्ट्र समिति
तेलंगाना की इस पार्टी को मेघा इंजीनियरिंग ने 195 करोड़ रुपए दिए।
यशोदा हॉस्पिटल ने इस पार्टी को 94 करोड़ रुपए दिए।
चेन्नई ग्रीन वुड्स ने इस पार्टी को 50 करोड़ रुपए दिए।
मेघा इंजीनियरिंग को जानिए





















