दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी, नजरिया न्यूज, 21मार्च।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में बीजेपी पर जो आरोप लगाए हैं, उन पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की प्रतिक्रिया आई है।नड्डा ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है:
“लोग कांग्रेस को पूरी तरह ख़ारिज करने जा रहे हैं. एक ऐतिहासिक हार की आशंकाओं से घिरे कांग्रेस नेतृत्व ने भारतीय लोकतंत्र और इसके संस्थानों के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी की है।
उन्होंने लिखा है, “कांग्रेस बेहद सहजता के साथ अपनी अप्रासंगिकता के लिए वित्तीय संकटों को ज़िम्मेदार ठहरी रही हैं। असल में उनका दिवालियापन वित्तीय नहीं, नैतिक और बौद्धिक है।अपनी ग़लतियां सुधारने की जगह कांग्रेस अपनी समस्याओं के लिए अथॉरिटीज़ को ज़िम्मेदार ठहरा रही है। चाहें आईटीएटी हो या दिल्ली हाई कोर्ट… उन्होंने कांग्रेस पार्टी से नियमों का पालन करने के लिए कहा है, बकाया कर चुकाने के लिए कहा है, लेकिन पार्टी ऐसा नहीं करती.”।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा:
सभी राजनीतिक दलों को बराबरी का मौका मिलना चाहिए। श्री खड़गे कांग्रेस का बैंक खाता फ्रीज करने के बाद कांग्रेस पार्टी को जिन दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है, वह जानकारी मीडिया को दे रहे थे।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे शर्मनाक़ बताया और कहा कि इससे हमारे देश की छवि को नुक़सान पहुंचा है।उन्होंने कहा, “हमारे देश ने बीते 70 सालों में निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ्य लोकतंत्र कराने की छवि बनाई थी जिसपर आज प्रश्न चिन्ह लग गया है।
उन्होंने कहा, “मौजूदा प्रधानमंत्री कांग्रेस को आर्थिक तौर पर तोड़ने के लिए सुनियोजित तरीके से कोशिश कर रहे हैं. आम लोगों से इकट्ठा किया गया पैसा फ्रीज़ किया जा रहा है और हमारे खातों का पैसा जबरन छीना जा रहा है.”
उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण माहौल में भी हम अपना चुनावी कैंपेन चलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस बराबरी से चुनाव न लड़ पाए इसलिए जानबूझ कर उसके ख़िलाफ़ साजिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा:
“नफ़रत से भरी ‘असुर शक्ति’ ने लोकतंत्र की हत्या करने के लिए कांग्रेस के बैंक अकाउंट को फ्रीज़ कर दिया है।वहीं संवाददाता सम्मेलन में सोनिया गांधी ने कहा: ये गंभीर मुद्दा है, ये केवल कांग्रेस को नहीं बल्कि गणतंत्र पर भी असर डालता है।
राहुल गांधी ने कहा कि ये कांग्रेस का बैंक अकाउंट फ्रीज़ करना नहीं बल्कि गणतंत्र फ्रीज़ करने जैसा है:
“चुनाव से ठीक पहले दो पुराने नोटिस आते हैं, कुल रक़म 14 लाख के क़रीब की होती है और सज़ा क्या दी जाती है- हमारी पूरी की पूरी आर्थिक पहचान छीनी जाती है.”
चुनाव से ठीक पहले हम एक अहम महीना खो चुके हैं और आर्थिक मुश्किलों के कारण हमारे नेता विमान यात्रा की बात को दूर हमरे नेता रेल यात्रा तक नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने इसे अपराध करार दिया और कहा है कि ये प्रधानमंत्री और उनके गृह मंत्री कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “ये विचार कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, झूठ है. भारत की 20 फीसदी आबादी हमारे लिए वोट करती है और हम दो रुपये तक ख़र्च नहीं कर पा रहे हैं।
“अगर आज भी हमारे बैंक अकाउंट खोल दिए जाते हैं तब भी बड़ा नुक़सान तो हो चुका है। अजीब सी स्थिति है, सभी देख रहे हैं, न तो कोर्ट कुछ कहती है और न ही कोई और कुछ कहता है।
कांग्रेस ने इसे गणतंत्र पर हमला बताया और कहा है कि पार्टी क़ानूनी रास्तों समेत सभी अन्य रास्ते अपना रही है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा :
सुप्रीम कोर्ट ने जिस स्कीम को ग़ैर-क़ानूनी कहा, उसी स्कीम के तहत सत्ताधारी पार्टी ने हज़ारों करोड़ों रुपये अपने खाते में जमा किए हैं। दूसरी तरफ साजिश कर मुख्य विपक्षी दल का बैंक अकाउंट फ्रीज़ कर दिया है।
उन्होंने कहा:ऐसा इसलिए किया गया ताकि पैसों से अभाव में हम बराबरी से चुनाव न लड़ पाएं। सत्ताधारी दल ख़तरनाक ख़ेल खेल रही है इसके दूरगामी परिणाम होंगे। अगर गणतंत्र को बचाना है तो सभी को बराबरी का मौक़ा मिलना चाहिए।
उन्होंने इशारों में पड़ोसी मुल्क का ज़िक्र करते हुए कहा कि चंद देशों में चुनाव हो रहे हैं लेकिन 99 फीसदी वोट एक ही व्यक्ति को मिल रहा है।
उन्होंने कहा, “बीजेपी जिस तरह खर्च कर रही है उतना दूसरी पार्टियां सोच भी नहीं सकती हैं। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच कर रही है और सच्चाई जल्द सामने आएगी।
उन्होंने गुज़ारिश की कि पार्टी को खुले तौर पर चुनाव के लिए अपने पैसा का इस्तेमाल करने दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता अजय माकन ने आरोप लगाया कि चुनाव के वक्त में अगर पार्टी अभियान में पैसे न खर्च कर पाए, अपने कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को पैसे न दे सके तो चुनाव किस बात का।
उन्होंने कहा, “बीते एक महीने से कांग्रेस अपने अकाउंट में पड़े 285 करोड़ रुपये का इस्तेमाल तक नहीं कर पा रही है, ऐसे में वो बराबरी से चुनाव कैसे लड़ेगी।
उन्होंने कहा, “सात साल पुराने एक मामले में हमारे खाते फ्रीज़ किए हैं।बीते सप्ताह हमारे पास सीताराम केसरी, 1994-95 के ज़माने के इनकम टैक्स के नोटिस हमारे पास आया है। इसे लेकर हम पर और डिमांड लगाए जाएंगे और खाते फ्रीज़ करने की बात की जाएगी।
“ये इसलिए किया जा रहा है ताकि हम चुनाव न लड़ पाएं। हर राजनीतिक पार्टी को इनकम टैक्स में छूट मिलती है, इस तरीके से कभी किसी पार्टी ने इसे लेकर पेनल्टी नहीं दिया। कांग्रेस को अकेले इस तरह क्यों चुना जा रहा है? ये काम चुनाव शुरू होने से पहले शुरू किया जा रहा है।
14 लाख 40 हज़ार की डिमांड बनती है जिसके लिए पार्टी पर 210 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है. ये कहां का गणतंत्र है?।
एक सवाल के उत्तर में अजय माकन ने कहा कि “अगर मैं अपना पैसा ही इस्तेमाल नहीं कर पाता हूं तो गणतंत्र कहां है। इसमें यूथ कांग्रेस की सदस्यता का पैसा है और क्राउड फंडिंग के ज़रिए इकट्ठा किया गया पैसा भी है।
संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल ये भी पूछा गया कि अगर हालात ऐसे रहे तो क्या पार्टी चुनावों की बहिष्कार कर सकती है। इसके उत्तर में अजय माकन ने कहा कि ऐसा कुछ पार्टी नहीं सोच रही है।





















