–मनमोहन सिंह की सरकार में सीबीआई को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, पिछड़ें में बंद तोता-अब तो लगता है स्टेट बैंक आफ इंडिया, ईडी और आईटी भी पिछड़े में बंद तोता है-पिजड़े से आजाद कौन कराएगा, देश के सामने खड़ा है यक्ष प्रश्न: मीडिया रिव्यू
==भाजपा से अच्छी देश में कोई पार्टी नहीं है। भाजपा को प्रधानमंत्री पद के सात-आठ नामों की घोषणा कर देनी चाहिए। चुनाव बाद उसी में से कोई प्रधानमंत्री बन जाएगा। राहुल गांधी का नाम तक मत लीजिए: डॉ.सुब्रमण्यम स्वामी
दुर्केश सिंह, संपादकीय नजरिया न्यूज, 16मार्च।
हमारा देश सोने की चिड़िया है। लेकिन क्या हमारा लोकतंत्र मजबूत है?यह यक्ष प्रश्न है। इस पर आज सोचने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमाम आधुनिक रावणों और राजनीतिक दलों के यहां ईडी, सीबीआई और आईटी को भेजकर उनकी औकात नापनी चाही तो ऐसे रावणों ने हजारों करोड़ रुपये का इलेक्ट्रोल बॉन्ड खरीद लिया। वहीं राजनीतिक दलो के 99 प्रतिशत कथित नायकों ने पाला बदल लिया। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव आदि अंगद के पांव की तरह अपनी विचारधारा पर अडिग रहे।
इलेक्ट्रोल बॉन्ड खरीदने वालों के नाम सामने लाने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्टेंट बैंक आफ इंडिया को आदेश दिया। फिर भी कलयुगी विभीषण स्टेट बैंक आफ इंडिया ऐसे नामों को छुपाने में लगी हुई है।
बहरहाल हनुमानजी और उनकी टीम अर्थात सोशल एक्टिविस्ट और सोशल मीडिया के सारथी सोने की लंका का सच सामने लाने की कोशिश में लगे हुए हैं। भारत के संविधान की संरक्षक माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैंसले हौसला अफजाई कर रहे हैं।
फिलहाल, देश में ऐसे संविधान की जरूरत है जिसमें ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स और चुनाव आयोग के शीर्ष पदाधिकारी की नियुक्ति प्रधानमंत्री नहीं कोई और व्यवस्था कर सके। ऐसे सत्य से साक्षात्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कराया है:देश की शीर्ष संस्थाओं में शीर्ष पदों पथ जी हजूर कहने वाले पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है।
ऐसी नियुक्ति से सत्य राम राज्य और ग्राम स्वराज की परिकल्पना कभी भी साकार नहीं होगी
उल्लेखनीय है मनमोहन सिंह की सरकार के समय माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को पिंजड़े में बंद तोता कहा था।
इस तोते सहित ईडी, स्टेट बैंक आफ इंडिया और आईटी को भी बड़ें पिंजड़े में एक साथ कैद कर दिया गया है। इस आशय की खबर यूट्यूब पर रविश कुमार , दीपक शर्मा, प्रसून पुण्य बाजपेई आदि की टिप्पणी से प्रतिध्वनित होती है। शीर्ष संस्थाओं को पिंजड़े से मुक्त कराने की जिम्मेवारी देश को है। यह निष्पक्ष मतदान से संभव होगा। देश के लिए मतदान से संभव होगा। 15लाख रुपये हमारे खाते में आएगा, ऐसे प्रलोभन में मतदान करने से देश की शीर्ष संस्थाओं को दबाव में काम करने से मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।
फिलहाल इलेक्टोरल बॉन्ड का मुद्दा इस समय खूब छाया हुआ है, बीते सालों में किस पार्टी को कितना चंदा मिला, इस पर भी चर्चा सोशल मीडिया हो रही है।
देश के पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम का कहना है कि इलेक्टोरल बॉन्ड ने आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अनुचित फ़ायदा पहुंचाने की जमीन तैयार की।
लोकसभा चुनाव 2024 की मतदान तिथि
वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ.सुब्रमण्यम स्वामी ने सोशल मीडिया पर बेहद आहत मन से कहा: जो भी हुआ, वह आपराधिक कृत्य है। माननीय सुप्रीम को इस प्रकरण को स्वत: संज्ञान में लेना चाहिए। वैसे, हमारी टीम इस मामले को लेकर कोर्ट जाएगी। लेकिन ऐसी पहल और कोई करे, इसका हम इंतज़ार कर रहे हैं। भाजपा से अच्छी देश में कोई पार्टी नहीं है। भाजपा को प्रधानमंत्री पद के सात-आठ नामों की घोषणा कर देनी चाहिए। चूनाव बाद उसी में से कोई प्रधानमंत्री बन जाएगा। राहुल गांधी का नाम तक मत लीजिए।





















