=लगभग 63लाख रुपये पांच वर्षों में प्राप्त किया -2021-22 में सबसे अधिक 17लाख से अधिक राशि का हुआ आवंटन
*अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो, नजरिया न्यूज, 11मार्च।*
चालू वित्तीय वर्ष 2023-24में जौनपुर जिले में विकास खंड सुइथाकलां की ग्राम पंचायत अमावाखुर्द ने 13लाख 57हजार,905रुपये प्राप्त किया।11लाख,49 हजार 983रुपये व्यय किया। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2022-23में अमावाखुर्द ने 17लाख, 50हजार,676रुपये प्राप्त किया था। इस आवंटित राशि में से10लाख,41हजार 236रुपये व्यय किया था।
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इससे भी पहले वित्तीय वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायत अमावाखुर्द ने 12लाख,17हजार 526रुपये प्राप्त किया था।आठ लाख, 97हजार, 74 रुपये व्यय किया था।
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अमावाखुर्द ग्राम पंचायत को वित्तीय वर्ष 2020-21में नौ लाख ,25हजार 93रुपये प्राप्त हुए थे जिसमें से आठ लाख 98हजार387रुपये व्यय हुए थे।
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वित्तीय वर्ष 2019-20में 12लाख,28हजार 994 रुपये अमावाखुर्द को मिले थे। आठ लाख,80हजार,699रुपये व्यय हुआ था।
ग्रामीणों ने कहा: जो दशा देश की है, वहीं स्थिति ग्राम पंचायतों की है। सबसे अधिक और तेज गति से विकास विकास प्रतिनिधियों की हो रही है। ईडी और सीबीआई की छापामारी इसका उदाहरण है।
*केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह का निर्णय:*
15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अन्तर्गत बेसिक ग्राण्ट की धनराशि का 60 प्रतिशत हिस्सा टाइड ग्राण्ट (30 प्रतिशत पेयजल, वर्षा जल संचयन, वाटर रिसाइक्लिंग एवं 30 प्रतिशत ओ०डी०एफ० sustainability हेतु) एवं 40 प्रतिशत अनटाइड ग्राण्ट के रूप में अनुमन्य की गई है।
गिरिराज सिंह, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री
पानी और स्वच्छता के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान का मुख्य उद्देश्य आरएलबी / ग्राम पंचायतों को हर घर, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, आश्रमशालाओं, पीएचसी / सीएचसी, सामुदायिक केंद्रों, बाजारों और खेल के मैदानों को पीने योग्य पानी की आपूर्ति की जिम्मेदारी निभाने में सक्षम बनाना है। दीर्घकालिक और नियमित आधार पर; दूषित जल का प्रबंधन; ठोस अपशिष्ट प्रबंधन; गांवों में खुले में शौच मुक्त स्थिति और बेहतर स्वच्छता बनाए रखना भी इसमें शामिल है। अपेक्षित परिणामों के साथ मूर्त परिणाम प्राप्त करने के लिए 15वां एफसी सशर्त अनुदान जल जनित रोगों में कमी और स्वास्थ्य में सुधार, स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी, कठिन परिश्रम से बचाव आदि में बेहद फायदेमंद होगा।
*जलापूर्ति एवं स्वच्छता सेवाओं के लिए बंधित अनुदान का वर्षवार आवंटन निम्नानुसार है:*
(राशि करोड़ रुपये में)
वर्ष-बंधित अनुदान
2021-22:26,940
2022-23:27,908
2023-24:28,212
2024-25:29,880
2025-26:29,144
कुल:1,42,084





















