=जो फैसला होगा, स्वीकार करेंगे: पूर्व धनंजय सिंह
अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो
नजरिया न्यूज, 06मार्च।अपहरण व रंगदारी में पूर्व सांसद धनंजय सिंह को 7 साल की सजा व एक लाख रुपये जुर्माना की सजा आज सूनामी गई। वे अब लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
इससे पहले 05 मार्च को पूर्व सांसद ने कहा था:
‘जो फैसला होगा, स्वीकार करेंगे।जेल जाते समय जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने मीडिया से थोड़े समय के लिए बात करते हुए यह बात कही थी।
सांसद धनंजय सिंह ने कहा:
, ‘अभी देखिए हम, न्यायपालिका पर सवाल नहीं खड़ा कर सकते लेकिन जो फैसला होगा, स्वीकार करेंगे.’।
जिन धाराओं में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को पांच मार्च को दोषी करार दिया गया था। कोर्ट द्वारा दोषी करार दिये जाने के बाद 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके धनंजय सिंह अब इलेक्शन नहीं लड़ सकेंगे। दो वर्ष से अधिक की सजा पर यह प्रावधान है।
क्या था मामला:
इस संबंध में जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश पांडेय ने यहां बताया कि नमामि गंगे परियोजना के प्रबंधक मुजफ्फरनगर निवासी अभिनव सिंघल ने 10 मई, 2020 को जौनपुर के लाइनबाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथी विक्रम के खिलाफ अपहरण और रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि विक्रम ने अपने दो साथियों के साथ पहले उनका अपहरण किया और फिर उन्हें पूर्व सांसद धनंजय सिंह के आवास पर ले गया। उन्होंने बताया कि सिंघल ने आरोप लगाया था कि वहां धनंजय सिंह पिस्टल लेकर आए और गालियां देते हुए धमकी देने के बाद रंगदारी मांगी।
उल्लेखनीय है कि जौनपुर की अपर सत्र अदालत ने बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत दो अभियुक्तों को अपहरण और रंगदारी मांगने के मामले में मंगलवार को दोषी करार दिया था। अदालत आज सात वर्ष की सजा सुनाई। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। धनंजय सिंह के अधिवक्ता इस मामले में हाई कोर्ट में अपील करेंगे।
पांच मार्च को कोर्ट ने धनंजय सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जिला जेल भेज दिया था। इससे पहले नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल का अपहरण कराने, पिस्टल सटाकर रंगदारी मांगने, षड्यंत्र तथा गालियां व धमकी देने के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोषी करार दिया धा। फैसले के बिन्दु पर आज फैसला सुनाया गया।





















