दुर्केश सिंह, नज़रिया न्यूज संपादकीय प्रभारी, 03मार्च।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट से इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी देने के लिए 30 जून तक का समय मांगा है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने इस जानकारी को जमा करने के लिए छह मार्च तक का समय दिया था।
एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि 15 फ़रवरी को दिए उसके निर्देशों का पालन करने के लिए बैंक को 30 जून तक का समय मिले।
सुप्रीम कोर्ट ने 15 फ़रवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक करार दिया था।
इस स्कीम के तहत जनवरी 2018 और जनवरी 2024 के बीच 16,518 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड ख़रीदे गए थे और इसमें से ज़्यादातर राशि राजनीतिक दलों को चुनावी फंडिंग के तौर पर दी गई थी।
हालांकि, इन बॉन्ड्स पर पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठ रहे थे और ये आरोप लग रहा था कि ये योजना मनी लॉन्डरिंग या काले धन को सफ़ेद करने के लिए इस्तेमाल हो रही थी।
इलेक्टोरल बॉन्ड्स की वैधता पर सवाल उठाते हुए एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर), कॉमन कॉज़ और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी समेत पांच याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया थ।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि ‘स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को राजनीतिक पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए मिली धनराशि की जानकारी 6 मार्च तक चुनाव आयोग को देनी होगी. ये जानकारी चुनाव आयोग को 13 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होगी।
एसबीआई ने इसी तारीख़ को आगे बढ़ाने की मांग की है।





















