अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो, नजरिया न्यूज,04मार्च।
सुल्तानपुर जिले के विकास खंड करौलीकलां में सड़क के बीच में निजी भूमि स्थित है। यह सड़क उक्त विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खालिसपुर गोपालपुर में है। ऐसी समस्या उत्तर प्रदेश के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में हैं। ग्रामीण सड़क होने के चलते जिला प्रशासन ऐसी समस्याओं का समाधान निकालने में रुचि नहीं रखतीं। भूमि अधिग्रहण का अधिकार और बदले में ग्राम सभा की भूमि देने का अधिकार ग्राम पंचायतों को देकर ऐसी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। यह बात गोपालपुर खालिसपुर के ग्रामीणों ने कही।
जानकारी के मुताबिक गोपालपुर खालिसपुर की मुख्य पक्की सड़क दो दिन पहले बारिश होने से तालाब में तब्दील है। निजी खाते की भूमि होने के चलते रैयत द्वारा सड़क पर मिट्टी कार्य तक रोक दिया गया है। 50-60 फिट सड़क तालाब व कीचड़ में तब्दील होने से छह-सात किमी सड़क लंबी सड़क प्रभावित है। 50-60 फिट भूमि अधिग्रहण करके उक्त सड़क पर आवागमन को सामान्य बनाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने कहा:जिलाधिकारी सुलतानपुर से उक्त सड़क की रिपोर्ट मंगवाकर हकीकत से रूबरू हुआ जा सकता है। ग्राम खालिसपुर गोपालपुर के ग्रामीणों ने कहा:
सड़क पर ग्राम प्रधान द्वारा मिट्टी डलवाई जा रही थी। सड़क पर मिट्टी डालने से रैयत द्वारा रोक दिया गया। लेखपाल ने मौके पर पैमाइश की। सड़क निजी भूमि की जमीन पर है। उक्त भूमि का अधिग्रहण करके सड़क की बांधा को दूर किया जा सकता है।
गांव के बुद्धिजीवियों मांग:
गांवों की किस्मत बदलने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर एक साल में 80 अरब रुपए ग्राम पंचायतों के खातों में भेज रही हैं। लेकिन पंचायत राज सरकारों को भूमि अधिग्रहण करने का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कहीं न कहीं सामान्य आवागमन बाधित है। ग्राम पंचायत सरकारों को भूमि अधिग्रहण करने का अधिकार और भूमि के बदले रैयत को ग्राम सभा की भूमि देने का अधिकार मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ को देना चाहिए।





















