राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित एक भ्रष्ट शिक्षा अधिकारी के विरोध में वायरल खबर का संपादकीय अंश
मीरा प्रवीण वत्स
नज़रिया न्यूज विशेष संवाददाता, औरैया, 02मार्च।
उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के कुछ शिक्षक एक शिक्षा अधिकारी के समर्थन में उतरे। न्याय की मांग की और अन्यान्य कि प्रतिकार किया। उक्त प्रतिकार पर सोशल मीडिया मीडिया में एक बयान वायरल हो रहा है:
ऐसा लग रहा है की शिक्षकों का खून पीने वाला भ्रष्ट शिक्षा अधिकारी के समर्थन में विलाप करने वाले अध्यापकों का जैविक पिता हो। लानत है ऐसे शिक्षक और शिक्षक नेताओं को जो शिक्षा अधिकारी का पक्ष रहे हैं।
शिक्षा अधिकारी के समर्थन में जनपद औरैया के कुछ शिक्षक समर्थन में आवाज उठा रहे हैं:
खंड शिक्षा अधिकारी निर्दोष हैं। विजिलेंस,शिक्षा अधिकारी को फंसाया है। शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार जैन अध्यापक को ग्रेजयूटी के नाम पर अपने वेतन से पैसा दे रहे थे।
शिक्षक जानता हैं:
दर्द क्यों हो रहा है। नया बाबू या अधिकारी आएगा तो सिस्टम गड़बड़ा जायेगा। फिर सिस्टम बनाना पड़ेगा। इस सिस्टम को बनाने के लिए कुछ शिक्षक को…(अर्मयादित शब्द)। भड़ास:
समर्थकों यह बात जान लो तुम लोगों के अलावा भी जनपद औरैया में 5 से 6 हजार शिक्षक और हैं। जो शोषण, अन्याय,अत्याचार और भ्रष्टाचार के विरोध में अपने शिक्षक साथी के साथ खड़े हैं…
वो सिर्फ एक आवाज के इंतजार में बैठे हैं। अगर हमारे शिक्षक साथी की तरफ किसी ने आंख उठाने की भी कोशिश की तो लंका दहन होने में समय नहीं लगेगा।
जो लोग औरैया में शिक्षा अधिकारी के ईमानदारी की दुहाई दे रहे थे वो अपने वो अपने अपने लड़के की कसम खाकर कह दें कि शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार जैन ईमानदार हैं…।
जेल जाने की खबर सुनकर कुछ शिक्षक अपना स्कूल छोड़कर थाना पहुंच गए और भ्रष्ट शिक्षा अधिकारी को निर्दोष बताने लगे। इन कुछ अध्यापकों से पूरे प्रदेश के शिक्षक साथियों का यह सवाल है :
क्या यही निष्ठा कभी किसी शिक्षक साथी की मृत्यु हो जाने पर उसकी विधवा को मृतक आश्रित की नौकरी दिलवाने में दिखाई है?
मृतक आश्रित या पारिवारिक पेंशन दिलवाने में दिखाई है?
किसी बहन की प्रसूता अवकाश या बाल्य देखभाल अवकाश या एरियर भुगतान के समय दिखाई है?
यही निष्ठा किसी पीड़ित शिक्षक के साथ खड़े होने में दिखाई है?
*अब सभी शिक्षकों को चिंतन मनन करने की जरूरत है:
भ्रष्ट बाबू या भ्रष्ट अधिकारी के हितैषी हैं या पीड़ित शिक्षकों के?
*भ्रष्टाचार का यही हाल कम ज्यादा सभी जनपद के सभी शिक्षा कार्यालयों में नहीं है क्या?
मशहूर शायर नवाज देवबंदी के शब्दों में शिक्षकों से इतना कहना चाहूंगा:
*जलते घर को देखने वालों फूस का छप्पर आपका है
*आपके पीछे तेज हवा है आगे मुकद्दर आपका है
*उसके कत्ल पे मैं भी चुप था मेरा नम्बर अब आया
*मेरे कत्ल पे आप भी चुप है अगला नम्बर आपका है…
औरैया के साहसी शिक्षक शरद कुमार को समर्पित जिन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षा अधिकारी को पकड़वाया …



















