…’बीजेपी से एक बात पूछना चाहता हूं कि वो अपने अंदर झांककर देखे और इस पर विचार करे कि जब 25 सदस्यों वाली पार्टी 43 सीटों वाली पार्टी के ख़िलाफ़ उम्मीदवार खड़ा करे तो उसका एक संदेश ही है कि हम बेशर्मी से वो करेंगे जिसकी इज़ाज़त क़ानून नहीं देता है: कांग्रेस उम्मीदवार
अशोक सिंह सुबेदार, विशेष संवाददाता, नजरिया न्यूज, मुंबई,29फरवरी।
मुंबई के राजनीति में हिमाचल प्रदेश की राजनीति की चर्चा है। राजनीति में रुचि लेने वालों के बीच कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी के हार के बाद के उनके इस बयान की चर्चा है:
”बीजेपी से एक बात पूछना चाहता हूं कि वो अपने अंदर झांककर देखे और इस पर विचार करे कि जब 25 सदस्यों वाली पार्टी 43 सीटों वाली पार्टी के ख़िलाफ़ उम्मीदवार खड़ा करे तो उसका एक संदेश ही है कि हम बेशर्मी से वो करेंगे जिसकी इज़ाज़त क़ानून नहीं देता है.”।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव से पहले 15 सीटों पर राज्यसभा चुनाव को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लिए टेस्ट के रूप में देखा जा रहा था।
हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश की 15 राज्यसभा सीटों के लिए मंगलवार को हुए चुनाव के नतीजे कांग्रेस के मन मुताबिक़ नहीं रहे।
‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी यानी सपा को भी उत्तर प्रदेश में एक सीट पर झटका लगा है।
कर्नाटक में चार सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस तीन और बीजेपी एक सीट जीतने में सफल रही है।
कांग्रेस के लिए सबसे चौंकाने वाले नतीजे हिमाचल प्रदेश से आए, जहां संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार को हार मिली।
ये सब संभव कैसे हुआ:
कांग्रेस की जीत पक्की मानी जा रही थी, वहाँ भी बीजेपी आगे निकल गई? कैसे 15 राज्यसभा सीटों में से बीजेपी 10 सीटें जीतने में सफल रही?
हिमाचल में जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, उनके बारे में कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक सिंघवी ने कहा कि ये लोग रात तक हमारे साथ बैठकर खाना खा रहे थे, सुबह दो लोगों ने साथ में नाश्ता भी किया… ऐसे में ये बताता है कि हम लोगों का चरित्र पहचानने के मामले में कितने ख़राब हैं।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। कांग्रेस के पास 40 विधायक हैं। बीजेपी के पास 25 विधायक हैं। तीन विधायक निर्दलीय हैं।यानी कुल 68 विधायक।
कांग्रेस की तरफ़ से उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी थे और बीजेपी की तरफ से उम्मीदवार हर्ष महाजन. हर्ष महाजन 2022 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे।
मंगलवार सुबह जब राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग शुरू नहीं हुई थी, तब सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मीडिया के सामने आकर बोले थे- अगर कोई बिका नहीं तो 40 के 40 विधायक हमारे साथ हैं और जीत हमारी होगी।
अभिषेक की हार पर कांग्रेस पार्टी की प्रतिक्रिया व भाजपा का टिप्पणी:
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि पार्टी के विधायकों को किडनैप किया गया था।बीजेपी ने ऐसे आरोपों को ख़ारिज किया और कहा है कि वो अपनी मर्ज़ी से सरकार के ख़िलाफ़ गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का बयान:
सीएम सुक्खू ने राज्यसभा में हुई वोटिंग के बाद कहा था, ”जब किसी ने अपना ईमान ही बेंच दिया तो उस पर क्या कहना! जो विधायक कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनकर आए वो बीजेपी को अपने क्षेत्रों में हराकर आए हैं। मेरी सरकार कोई खतरा नही है। बागी छह विधायकों पर विधानसभा अध्यक्ष सुनवाई करेंगे।मंगलवार को दिन में मुख्यमंत्री सुक्खू ने दावा किया था कि सीआरपीएफ और हरियाणा पुलिस कांग्रेस के छह विधायकों को ले गई है।





















