नज़रिया न्यूज़ अररिया। मिंटू राय।
अररिया। किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले नकली खाद-बीज के कारोबार का अररिया में बड़ा खुलासा हुआ है। नगर थाना क्षेत्र के गैयारी पंचायत स्थित वार्ड संख्या-03 में कृषि विभाग की टीम ने गुरुवार शाम करीब पांच बजे एक कथित अवैध गोदाम पर छापेमारी की। गोदाम के अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। यहां भारी मात्रा में संदिग्ध खाद और नकली बीज के पैकेट मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सस्ते यूरिया में लाल रंग का रेड ऑक्साइड और नमक मिलाकर उसे महंगे पोटाश के रूप में तैयार कर पैक किया जा रहा था। इस मिलावटी खाद को किसानों को बेचने की आशंका जताई गई है।
छापेमारी की भनक लगते ही गोदाम संचालक फरार
जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि गैयारी पंचायत के वार्ड संख्या-03 में पिकअप वैन के जरिए अवैध रूप से खाद उतारी जा रही है। सूचना मिलते ही अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विकास कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम नगर थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची।
छापेमारी टीम में सहायक निदेशक पौधा संरक्षण ऋतु राज, कृषि समन्वयक मनीष कुमार, गैयारी कृषि समन्वयक प्रियंका कुमारी और जिला कृषि कार्यालय के समन्वयक मनीष कुमार शामिल थे। टीम के पहुंचते ही गोदाम संचालक कथित तौर पर ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद अधिकारियों ने गोदाम का ताला खुलवाकर जांच शुरू की। करीब चार से पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान गोदाम में रखे सामान की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
यूरिया में लाल रंग और नमक मिलाकर तैयार कर रहे थे पोटाश!
गोदाम की तलाशी के दौरान सफेद बोरियों में यूरिया, हरी बोरियों में भरा संदिग्ध पोटाश और जमीन पर मक्का व गेहूं के नकली बीज के दर्जनों पैकेट मिले। अधिकारियों के मुताबिक, यूरिया में रेड ऑक्साइड और नमक मिलाकर उसे पोटाश के रूप में पैक किए जाने की बात सामने आई है।यदि इस तरह की मिलावटी खाद किसानों को बेची जाती, तो उनकी खेती और आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता था। किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद में खाद और बीज खरीदते हैं, लेकिन नकली कृषि सामग्री उनकी मेहनत और लागत दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है।
गोदाम मालिक की पहचान में जुटा विभाग, प्राथमिकी की तैयारी
कार्रवाई के दौरान बरामद संदिग्ध खाद और बीज को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बरामद सामग्री की सूची तैयार करने के साथ मकान और गोदाम के मालिक की पहचान करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि गोदाम से मिले सभी सामान की सूची तैयार की जा रही है। गोदाम और मकान के मालिक की पहचान की जा रही है तथा संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
किसानों के साथ धोखाधड़ी पर कृषि विभाग सख्त
गैयारी में हुई इस छापेमारी ने खाद-बीज की गुणवत्ता और उनकी बिक्री पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि संदिग्ध खाद और बीज कहां से लाए गए थे, इन्हें किन बाजारों में खपाने की तैयारी थी और इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में नकली खाद और बीज के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस कथित अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर क्या कार्रवाई होती है और किसानों को ठगी से बचाने के लिए विभाग आगे क्या कदम उठाता है।













