सिकटी में दर्दनाक घटना: जागरण देखने निकला पंकज, घर लौटा शव बनकर… बालू में दफन मिली जिंदगी की आखिरी कहानी।अररिया के सिकटी से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में एक मां अपने बेटे के लौटने का इंतजार कर रही थी, जिस पिता को अपने बेटे के आने की उम्मीद थी, उसी घर में अब मातम पसरा है। महज 17 साल की उम्र में पंकज कुमार की जिंदगी इस तरह खत्म हो जाएगी, किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी।कहानी शुरू होती है 19 अक्टूबर की शाम से… दुर्गा अष्टमी का माहौल था। बरदाहा में जागरण हो रहा था। पंकज अपने चार-पांच दोस्तों के साथ जागरण देखने के लिए घर से निकला था। घरवालों को लगा कि बेटा जागरण देखकर वापस लौट आएगा। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह शाम उनके परिवार के लिए जिंदगी का सबसे दर्दनाक अध्याय बन जाएगी।इसी शाम पंकज की अपनी बहन से फोन पर बात भी हुई। बातचीत चल रही थी, लेकिन अचानक कॉल कट गया। उस वक्त शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह बातचीत इतनी अहम बन जाएगी। रात बीती, सुबह हुई… लेकिन पंकज घर नहीं लौटा।20 अक्टूबर की सुबह से परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। हर जगह पूछा गया, परिचितों से जानकारी ली गई, लेकिन पंकज का कोई सुराग नहीं मिला। परिवार की बेचैनी बढ़ती गई। एक मां की आंखें अपने बेटे को खोज रही थीं, एक पिता अपने बेटे की खबर पाने के लिए परेशान थे। हर गुजरते पल के साथ अनहोनी की आशंका गहराती जा रही थी।
फिर सामने आई एक ऐसी खबर, जिसने परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी।
सिकटी प्रखंड के ठेंगापुर स्थित पररिया घाट के समीप घने जंगल में, झाड़ियों के पास बालू के अंदर पंकज का शव दफन मिला। जिस बेटे को परिवार जिंदा तलाश रहा था, वह इस हालत में मिला कि घर की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट गईं। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई।
पंकज खोरागाछ पंचायत के वार्ड संख्या दो का रहने वाला था। उसकी मां शांति देवी और पिता राम टहल राम के लिए यह दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है। जिस बेटे से परिवार को सहारा मिलने की उम्मीद थी, उसी बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
लेकिन इस मामले में कई सवाल भी उठ रहे हैं।
मृतक की बहन के वीडियो बयान में गोलू नामक युवक का जिक्र किया गया है। बहन के अनुसार, गोलू की ओर से धमकी देने और पंकज को मारने की बात कही गई थी। वहीं, परिजनों ने पंकज की हत्या में पांच दोस्तों की संलिप्तता का आरोप लगाया है। हालांकि, ये सभी आरोप हैं। घटना के पीछे की असली वजह क्या थी और इसमें किसकी भूमिका रही, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि पंकज कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था। वह केरल में काम करता था और अपने माता-पिता, बहन तथा छोटे भाई के भरण-पोषण में सहयोग करता था। जिस उम्र में बच्चे अपने सपनों को संवारते हैं, उस उम्र में पंकज अपने परिवार का सहारा बना हुआ था। आज उसके जाने से परिवार के सामने दुख के साथ भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
घटना की सूचना मिलने पर सिकटी थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्र और बरदाहा थानाध्यक्ष इम्तियाज खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।
अब सवाल यही है कि आखिर 17 वर्षीय पंकज के साथ उस रात क्या हुआ था? वह किन परिस्थितियों में पररिया घाट तक पहुंचा? और बालू के अंदर उसका शव किसने दफनाया? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिल पाएंगे।एक परिवार अपने बेटे को खो चुका है। एक मां की गोद सूनी हो गई, एक पिता का सहारा छिन गया और एक छोटे भाई-बहन के सिर से प्यार और सहयोग का हाथ उठ गया।
फिलहाल, परिवार को इंसाफ का इंतजार है और पूरे इलाके की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।



















