चाहे वो नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह हों, ज्ञानेश कुमार हों या कोई भी हवलदार: राहुल गांधी
प्रोटेस्टरों ने आपबीती सुनाई – खौफनाक व्ववहार पुलिस ने किया, लक्ष्मण रेखा पार करने में नहीं किया गुरेज
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 14अक्टूबर 2026।
वो दिन आ रहा है जब हमारे लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने वालों को कठोर न्याय का सामना करना पड़ेगा। चाहे वो नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह हों, ज्ञानेश कुमार हों या कोई भी हवलदार।मैं चाहता हूँ कि हर वो छात्र और युवा, जिसने पुलिस की हिंसा या ग़ैरक़ानूनी हिरासत झेली है, उसका पूरा रिकॉर्ड रखे – वीडियो या फोटो – ये ज़रूरी होंगे। यह बात लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कही। वे 14अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले प्रोटेस्टरों ने आपबीती पत्रकारों के समक्ष बयान किया जो पुलिस का खौफनाक चेहरा बयां क्या रहा था। अंग्रेजों की हुकूमत के समय अंग्रेज शासकों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सामने कितना खौफनाक मंजर पेश किया होगा, उसका अंदाजा प्रोटेस्टरों के बयान से लगाया जा सकता है। हालांकि भारतीय संविधान में पुलिस को दंड देने का अधिकार नहीं है। ऐसे पुलिस जवानों का नेतृत्व कर पदाधिकारियों को कानून को हाथ में लेने की सजा न्यायालय को को देनी चाहिए ।
शांतिपूर्ण विरोध आपका अधिकार है। हम इसे किसी को छीनने नहीं देंगे।


















