- शोकसभा के बाद दिनभर न्यायिक कार्य स्थगित
- पूर्व अपर लोक अभियोजक एवं पूर्व बार अध्यक्ष को अधिवक्ताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
- जिला जज, डीएलएसए सचिव सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने व्यक्त किया शोक, परिवार के प्रति संवेदन।
नजरिया न्यूज़ (रूबी विनीत), अररिया।
अररिया न्यायमंडल के स्तंभ माने जाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व अपर लोक अभियोजक एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष स्व. मुरलीधर झा का बुधवार की रात्रि आकस्मिक निधन हो जाने से पूरे जिले का विधि जगत गहरे शोक में डूब गया है।
82 वर्षीय स्व. झा के निधन की सूचना मिलते ही न्यायालय परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। अधिवक्ताओं ने उनके निधन को अररिया बार की अपूरणीय क्षति बताया है।
*विधि क्षेत्र में 56 वर्षों का अविस्मरणीय योगदान*
स्व. मुरलीधर झा मूल रूप से अररिया जिला अंतर्गत पटेगना गांव के निवासी थे। वर्तमान में वे मुख्यालय स्थित आश्रम रोड, वार्ड-10 में सपरिवार निवास करते थे। वर्ष 1944 में जन्मे स्व अधिवक्ता ने 01 अप्रैल 1969 को अररिया व्यवहार न्यायालय में वकालत पेशा शुरू की थी। इसके बाद वे लंबे समय तक अपर लोक अभियोजक के पद पर रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार से जुड़े कई जटिल एवं महत्वपूर्ण मामलों में कुशलता से पैरवी कर न्यायालय का विश्वास अर्जित किया। वर्षों बाद उन्हें अधिवक्ताओं ने जिला बार एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना। अध्यक्ष के रूप में उन्होंने बार की एकता, अनुशासन और अधिवक्ताओं के हितों के लिए निरंतर कार्य किया। सरल स्वभाव, मृदु व्यवहार और विधि के गहन ज्ञान के कारण वे न केवल अधिवक्ताओं बल्कि मुवक्किलों के बीच भी अत्यंत लोकप्रिय थे। लगभग 56 वर्षों की विधि साधना में उन्होंने ईमानदारी और निष्ठा की मिसाल कायम की।
*पारिवारिक परिचय*
स्व. मुरलीधर झा के परिवार में दो पुत्र और तीन पुत्रियाँ हैं। बड़े पुत्र ललन कुमार झा पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए वर्तमान में वकालत के पेशे से जुड़े हैं, जबकि छोटे पुत्र रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। उनकी तीनों पुत्रियाँ विवाहित हैं और अपने-अपने गृहस्थ जीवन में हैं।
*न्यायालय परिसर में आयोजित हुई शोकसभा*
स्व. मुरलीधर झा के सम्मान में गुरुवार को अररिया जिला बार एसोसिएशन एवं जिला अधिवक्ता संघ के संयुक्त तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित जिला बार एसोसिएशन हॉल में शोकसभा का आयोजन किया गया।
शोकसभा की अध्यक्षता वरीय अधिवक्ता श्री कृष्ण मोहन सिंह ने की।
शोक सभा की शुरुआत में उपस्थित सभी अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसके पश्चात उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
शोकसभा को संबोधित करते हुए जिला बार अध्यक्ष मो. मसूद आलम ने कहा कि स्व. मुरलीधर झा केवल एक अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि हम सभी के अभिभावक और मार्गदर्शक थे। उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को हमें आगे बढ़ाना होगा। महासचिव काशी नाथ विश्वास ने कहा कि उनका जाना बार के लिए ऐसा घाव है जिसकी भरपाई संभव नहीं।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार चौधरी एवं महासचिव संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि स्व. झा ने हमेशा अधिवक्ताओं के मान-सम्मान और बार की गरिमा के लिए कार्य किया। लोक अभियोजक रामानंद मंडल, वरीय अधिवक्ता श्याम लाल यादव, शंभू शरण चौधरी, कृपा नन्द मंडल, विनय कुमार ठाकुर, अशोक कुमार वर्मा, देवेंद्र मिश्रा, नरेंद्र कुमार झा, मो. साबिर आलम, मो. मुजाहिद हुसैन, जग मोहन यादव, सुधीर कुमार राय, दिलीप सिंह, ब्रह्मा नन्द झा, नृपेंद्र सिंह, जेड ए मुजाहिद, मो. तनवीर अरशद, राजा नंद पासवान, सजीव झा, कृष्ण कांत झा, श्रवण कुमार झा* सहित उपस्थित दर्जनों अधिवक्ताओं ने भी अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व. मुरलीधर झा का व्यवहार, अनुशासन और विधिक ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि स्व. मुरलीधर झा ने जिस निष्ठा से वकालत की, जिस ईमानदारी से मुवक्किलों का पक्ष रखा, वह आज के समय में अनुकरणीय है।
*दिनभर न्यायिक कार्य से अलग रहने का लिया गया निर्णय*
शोकसभा के उपरांत उपस्थित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आज पूरे दिन अररिया न्यायालय में कोई भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेगा और न ही किसी मामले में पैरवी की जाएगी। बार नेताओं ने न्यायालय से आग्रह किया कि आज के दिन लंबित मामलों में तिथि प्रदान की जाए।
*न्यायिक पदाधिकारियों ने व्यक्त किया शोक*
इस दुखद घड़ी में माननीय जिला न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय, डीएलएसए सचिव रोहित श्रीवास्तव एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा कि स्व. मुरलीधर झा का योगदान अररिया न्यायपालिका के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
बार पदाधिकारियों सहित सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।


















