- डीएलएसए ने बार पदाधिकारियों के साथ की कार्ययोजना तैयार
- जिला न्यायाधीश के निर्देश पर डीएलएसए कार्यालय में हुई बैठक, अधिक मामलों के निपटारे का लक्ष्य
- अधिवक्ताओं से अपील – सुलहनीय वादों को चिन्हित कर लोक अदालत में करें प्रस्तुत
नजरिया न्यूज़ (रूबी विनीत), अररिया।
आमजन को त्वरित, सुलभ एवं निशुल्क न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर आगामी 12 सितंबर 2026 को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
इसको सफल बनाने के लिए न्यायमंडल के माननीय जिला न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय के दिशा-निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया द्वारा बुधवार को डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव के कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने की।
बैठक में लोक अभियोजक रामानंद मंडल, अररिया जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. मसूद आलम, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार चौधरी एवं महासचिव श्री संजीव कुमार सिन्हा आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में इन मामलों का होगा निपटारा
बैठक में डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण, बीमा दावा, मोटर दुर्घटना दावा, विद्युत बिल, श्रम विवाद, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद तथा राजीनामा योग्य फौजदारी और दीवानी वादों का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां से पारित निर्णय अंतिम होता है और उस पर कोई अपील नहीं होती। साथ ही पक्षकारों को कोर्ट फीस की राशि भी वापस कर दी जाती है।
*बार ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन*
बार के दोनों अध्यक्षों ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायपालिका की एक अनूठी पहल है जिससे वादों का बोझ कम होता है और पक्षकारों को कम समय में न्याय मिलता है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने न्यायालयों में लंबित सुलहनीय मामलों की सूची तैयार कर उसे लोक अदालत में प्रस्तुत करें। साथ ही अधिक से अधिक पक्षकारों को लोक अदालत के लाभ के बारे में जागरूक भी करें।
*व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर*
डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालत की सफलता के लिए प्रचार-प्रसार सबसे जरूरी है। इसके लिए जिले के सभी प्रखंडों, पंचायतों और वार्डों में पारा लीगल स्वयंसेवकों, विधिक सेवा केंद्रों और अधिवक्ताओं के माध्यम से माइकिंग, बैनर-पोस्टर और नुक्कड़ सभा आयोजित की जाएगी। विद्यालयों और कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि लोग अपने विवादों को लोक अदालत में रखकर निपटारा करा सकें।
उन्होंने कहा कि न्यायालय, बार और विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त प्रयास से ही हम इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा कर लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक में प्राधिकार के कर्मी एवं अधिवक्ता संघ के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
















