सिकटी (अररिया), 15 अगस्त 2026।
राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सिकटी में देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, उत्साह और उमंग का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। नवस्थापित महाविद्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में महाविद्यालय के नए प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) अशोक पाठक ने पूरे सम्मान एवं गरिमापूर्ण वातावरण में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रगान गाकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) अशोक पाठक ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि देश के लिए अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और संकल्पों को दोहराने का अवसर है। स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस त्याग, तपस्या और बलिदान के बल पर देश को आजादी दिलाई, उसे नई पीढ़ी को सदैव याद रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति की सबसे मजबूत नींव है। विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिक्षा के माध्यम से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, नैतिकता, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। शिक्षित एवं जागरूक युवा ही देश को नई दिशा और नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
प्रधानाचार्य ने कहा कि राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सिकटी क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम हो और उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर अवसर मिल सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से महाविद्यालय आएं, कक्षाओं में अनुशासन के साथ भाग लें, शिक्षकों का सम्मान करें और अपने लक्ष्य को निर्धारित कर निरंतर मेहनत करें। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक, चिकित्सक, उद्यमी, जनप्रतिनिधि और देश के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि नए महाविद्यालय की स्थापना केवल एक भवन या संस्था का निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों युवाओं के भविष्य के निर्माण की शुरुआत है। महाविद्यालय को शिक्षा, अनुशासन, संस्कार, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक जागरूकता का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विद्यार्थियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। परिसर में देशभक्ति के नारों और तिरंगे के रंगों से राष्ट्रप्रेम की भावना और अधिक प्रबल नजर आई। छात्र-छात्राओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) अशोक पाठक ने कहा कि “आजादी का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक विद्यार्थी अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझे और शिक्षा के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे।”
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे सोशल मीडिया की नकारात्मकता और समय की बर्बादी से बचते हुए अपने अध्ययन, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, रोजगारपरक कौशल, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों की समझ भी विकसित करनी होगी।
समारोह के दौरान महाविद्यालय परिवार ने देश की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सिकटी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर रहा, जिसने शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को एक नई ऊर्जा प्रदान की।
राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सिकटी के नए प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) अशोक पाठक के नेतृत्व में महाविद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि यह संस्थान आने वाले समय में क्षेत्र में उच्च शिक्षा का मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण केंद्र बनकर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बढ़ाया समारोह का उत्साह
स्वतंत्रता दिवस समारोह में माननीय शिक्षक डॉ. नित्यानंद, डॉ. रावत कुमार, नवीन कुमार सुमन, छोटे लाल शाह, अफसार अंजुम, भूपेश कुमार, प्रधान सहायक तबरेज आलम सहित महाविद्यालय से जुड़े शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।


















